ईद अल एतिहाद पर UAE का भारत को तोहफा, नेशनल डे से पहले 900 से ज्यादा भारतीय कैदी होंगे रिहा

UAE सरकार ने नेशनल डे से पहले 900 से अधिक भारतीय कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है. राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने जुर्माना भी माफ किया, जिससे भारत-UAE रिश्तों को नई मजबूती मिली है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मजबूत होते रिश्तों के बीच एक और सकारात्मक और मानवीय पहल सामने आई है. UAE सरकार ने अपने नेशनल डे से पहले 900 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को जेल से रिहा करने का फैसला लिया है. इस फैसले से न सिर्फ सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग की भावना भी और गहरी होगी. अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को उन भारतीय कैदियों की सूची सौंप दी गई है, जिन्हें जल्द रिहा किया जाएगा.

UAE सरकार ने यह फैसला अपने राष्ट्रीय पर्व ईद अल एतिहाद के अवसर पर लिया है. यह दिवस हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है और 1971 में सात अमीरात के एकीकरण की याद में आयोजित किया जाता है. इस खास मौके पर कैदियों को रिहा करना UAE की परंपरा का हिस्सा माना जाता है, जिसमें मानवीय आधार पर सजाएं माफ की जाती हैं. पिछले साल 27 नवंबर को जारी एक आधिकारिक आदेश में बताया गया था कि नेशनल डे से पहले 2937 कैदियों को रिहा किया गया था, जिनमें अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल थे.

जुर्माना भी होगा माफ, परिवारों को बड़ी राहत

इस फैसले की सबसे अहम बात यह है कि UAE के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने रिहा किए जाने वाले कैदियों पर लगाए गए वित्तीय दंड यानी जुर्माने को भी माफ करने की घोषणा की है. इसका मतलब यह है कि कैदियों या उनके परिवारों को किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा. इस कदम से रिहा होने वाले कैदियों को अपने जीवन की नई शुरुआत करने में मदद मिलेगी और उनके परिवारों को भी मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी.

भारत-UAE रिश्तों में लगातार मजबूती

यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब भारत और UAE के रिश्ते लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं. हाल ही में UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत के आधिकारिक दौरे पर आए थे. पिछले 10 वर्षों में यह उनका पांचवां भारत दौरा था और राष्ट्रपति बनने के बाद तीसरा आधिकारिक दौरा. 

इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए. इसके अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच गहन बातचीत हुई. UAE के राष्ट्रपति ने भारत के साथ बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग की सराहना की और भविष्य में भी पूरा समर्थन देने का भरोसा जताया. UAE ने 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए भी अपना समर्थन स्पष्ट किया.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag