तब-तब आतंकवादी कुछ न कुछ अपना जलवा दिखा देते हैं...कांग्रेस नेता उदित राज के विवादित बोल

जम्मू-कश्मीर व दिल्ली में हालिया धमाकों के बाद विपक्ष ने केंद्र के आतंकवाद खत्म होने के दावे पर सवाल उठाए. SIR प्रक्रिया को विपक्ष ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश बताया और चेतावनी दी कि हालात न बदले तो चुनाव बहिष्कार संभव है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर में हुए हालिया बम धमाके ने एक बार फिर सुरक्षा स्थिति पर बहस तेज कर दी है. केंद्र सरकार द्वारा बार-बार यह दावा किया जाता है कि कश्मीर में आतंकवाद अब लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन ऐसे धमाके इन दावों पर सवाल खड़े कर देते हैं. विपक्ष का कहना है कि हर बार जब सरकार आतंकवाद खत्म होने की बात करती है, तभी आतंकवादी घटनाएं अपने अस्तित्व का अहसास कराने के लिए सामने आ जाती हैं.

आतंकवाद पर सरकार के दावों पर उठे सवाल

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार आतंकवाद पर जीत का दावा करती है, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है. कांग्रेस नेता उदित राज ने हालिया बयान में कहा कि जब भी केंद्र यह कहता है कि आतंकवाद खत्म हो गया है, तब-तब आतंकवादी कुछ न कुछ अपना जलवा दिखा देते हैं.

उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश में कहीं कोई आतंकवादी गतिविधि नहीं हुई और उसके बाद राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास धमाका हो गया. उनका कहना है कि इन घटनाओं से साफ है कि आतंकी अब भी सक्रिय हैं, और सुरक्षा एजेंसियों के दावों की सच्चाई को चुनौती देते रहते हैं.

SIR विवाद

विपक्ष ने केवल सुरक्षा मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है. हाल के दिनों में चर्चा में आए SIR (Systematic Investigation of Roll) को लेकर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं.

SIR का असली मतलब है, BJP अपनी वोटर लिस्ट तैयार कर रही है और विपक्ष के वोट हटा रही है. यह किसी तरह का संशोधन या शुद्धिकरण नहीं है बल्कि एक सोची-समझी साजिश है. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में बदलाव के नाम पर बड़े पैमाने पर विपक्ष के समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है.

विपक्ष की चेतावनी

SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच विपक्ष ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर कड़े आरोप लगाए हैं. विपक्षी नेता ने कहा कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो विपक्ष को मजबूरन बड़ा कदम उठाना पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि विपक्ष को पूरी चुनावी प्रक्रिया का बहिष्कार करना चाहिए, क्योंकि यह प्रक्रिया अब निष्पक्ष नहीं रह गई है. जब वोटर लिस्ट से विपक्ष के लोगों के नाम हटाए जा रहे हों, तब लोकतंत्र खतरे में होता है.
 

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