सरकार ने पिछले 5 सालों में 23 संगठनों को किया अवैध घोषित, जानें क्यों लिया गया ऐसा फैसला

सरकार ने बीते पांच सालों में गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल संगठनों पर सख्त कार्यवाई की है. इसके अलावा उन्होंने एक सूची जारी की है, जिसमे 5 सालों में 23 संगठनों को अवैध घोषित किया गया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार को बीते पांच सालों में गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल संगठनों पर की गई सख्त कार्रवाई की जानकारी साझा की है. सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, पिछले 5 सालों में 23 संगठनों को अवैध घोषित किया गया है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि सरकार किसी भी तरह की गैर-कानूनी, असंवैधानिक या राष्ट्र-विरोधी गतिविधि पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है.

23 संगठनों पर लगी अवैध होने की मुहर

सरकार ने बताया कि गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, UAPA 1967 के तहत ऐसे सभी संगठनों पर लगातार कार्रवाई की गई है जो देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे. इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने बीते पांच सालों में 23 संगठनों को प्रतिबंधित और अवैध घोषित किया है. यह कार्रवाई आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है.

IIRC का बढ़ा दायरा 

गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के भीतर बने आईएसआईएस जांच अनुसंधान प्रकोष्ठ (IIRC) का दायरा बढ़ा दिया गया है. नए स्वरूप में इसका नाम बदलकर ‘आतंकवाद निरोधक अनुसंधान प्रकोष्ठ’ (CTRC) कर दिया गया है. 

इसके साथ ही NIA के भीतर कई विशेष इकाइयों का गठन भी किया गया है, जिनमें मानव तस्करी रोधी प्रभाग (AHTD), साइबर आतंकवाद रोधी प्रभाग (ACTD), FATF प्रकोष्ठ, वित्तीय विश्लेषण इकाई (FAU) और कानूनी विशेषज्ञों का विशेष प्रकोष्ठ इन इकाइयों का उद्देश्य जटिल मामलों की जांच को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है.

 NIA के भीतर NTDFAC बनाया गया 

सरकार ने बताया कि NIA के भीतर राष्ट्रीय आतंकवाद डेटा संलयन और विश्लेषण केंद्र (NTDFAC) बनाया गया है. यह केंद्र बड़े डेटा विश्लेषण, जांच प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, स्वचालन और पर्यवेक्षण में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इससे एजेंसी की कार्यक्षमता और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी. 

NIA की क्षमता में बड़ा विस्तार

सरकार की ओर से बताया गया कि NIA में कुल 1,901 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 769 पद पिछले पांच सालों में जोड़े गए. साथ ही एजेंसी के अधिकार क्षेत्र को भी बढ़ाया गया है ताकि वह विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, मानव तस्करी, साइबर आतंकवाद और शस्त्र अधिनियम से जुड़े अपराधों की भी जांच कर सकें. 

बता दें, देशभर में 21 शाखा कार्यालयों की स्थापना कर एजेंसी का नेटवर्क पूरे भारत में मजबूत किया गया है. दिल्ली इसका मुख्यालय है जबकि गुवाहाटी और जम्मू में क्षेत्रीय कार्यालय संचालित हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag