राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोपी अब्दुल की जेल में हत्या, सह-कैदी अरुण चौधरी ने नुकीली वस्तु से किया हमला

फरीदाबाद की नीमका जेल में आतंकी गतिविधियों के आरोप में बंद 20 वर्षीय अब्दुल रहमान की हाई सिक्योरिटी बैरक में कथित हत्या कर दी गई. सह-कैदी पर हमला करने का आरोप है. मामले की जांच जारी है.

Shraddha Mishra

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. आतंकी गतिविधियों के आरोप में बंद एक 20 वर्षीय कैदी की उच्च सुरक्षा बैरक में कथित तौर पर हत्या कर दी गई. इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है.

मृतक की पहचान अब्दुल रहमान के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मिल्कीपुर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. उसे मार्च 2025 में फरीदाबाद के पाली इलाके से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी. जांच एजेंसियों का दावा था कि वह अयोध्या में स्थित राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था. उस समय उसके पास से विस्फोटक सामग्री और ग्रेनेड बरामद किए जाने की बात भी सामने आई थी.

गिरफ्तारी के बाद से ही उसे नीमका जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था. रविवार देर रात करीब 10:30 बजे बैरक के अंदर किसी बात को लेकर विवाद हुआ. इसी दौरान सह-कैदी अरुण चौधरी ने कथित रूप से एक नुकीली वस्तु से उस पर हमला कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल रहमान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

आरोपी कैदी पर पहले भी मामले

हमले का आरोप जिस कैदी पर लगा है, वह भी गंभीर आरोपों में जेल में बंद था. बताया जा रहा है कि अरुण चौधरी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उसे भी आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वर्ष 2024 में नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. एसीपी तिगांव अशोक वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की उच्च स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं. साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी.

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद कैदी की हत्या कैसे हो गई, यह जांच का मुख्य विषय है. फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या दोनों कैदियों के बीच कोई निजी रंजिश थी या फिर घटना के पीछे कोई और कारण है. जेल प्रशासन का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है. इस संवेदनशील प्रकरण के सामने आने के बाद सुरक्षा इंतजामों को और कड़ा करने की तैयारी की जा रही है.

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