सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो हादसे की जांच...अजित पवार के प्लेन क्रैश पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, जानें क्या कहा

बारामती विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन से देश सदमे में है. ममता बनर्जी ने सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की और इसे राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

कोलकाताः बारामती में विमान हादसे में बुधवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन की खबर ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है. इस दुखद घटना ने न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी झकझोर कर रख दिया है. हादसे की खबर सामने आते ही हर वर्ग में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला. लोग इस सवाल से जूझ रहे हैं कि जब देश के बड़े राजनीतिक नेता भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी.

नेताओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाया है कि अक्सर यह माना जाता है कि सत्ता में बैठे लोग पूरी तरह सुरक्षित होते हैं, लेकिन इस हादसे ने उस धारणा को भी तोड़ दिया है. आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक वर्ग भी इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या देश में किसी की भी जान वास्तव में सुरक्षित है.

हालिया राजनीतिक घटनाओं से जुड़ता संदेह

ममता बनर्जी ने कहा कि इस दुखद घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही यह बयान सामने आया था कि दूसरी राजनीतिक पार्टी के एक नेता ने दावा किया था कि अजीत पवार भारतीय जनता पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे थे. ऐसे में अचानक हुए इस हादसे ने कई लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है. हालांकि अभी तक कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है, लेकिन परिस्थितियां सवाल जरूर खड़े कर रही हैं.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

सीएम ममता ने मांग की कि इस पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग तेज हो गई है. कई लोगों का मानना है कि इस हादसे की जांच केवल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में ही होनी चाहिए. उनका कहना है कि अब अन्य जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे राजनीतिक दबाव में काम करती दिखाई देती हैं. जनता को केवल सर्वोच्च न्यायालय पर ही भरोसा है, जो बिना किसी दबाव के सच्चाई सामने ला सकता है.

महाराष्ट्र और देश के लिए अपूरणीय क्षति

ममता ने कहा कि अजीत पवार का इस तरह अचानक चले जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है. भले ही वे वर्तमान समय में विपक्ष की भूमिका में थे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि आने वाले समय में वे अपनी पार्टी के मूल रास्ते पर लौट सकते थे. उनका अनुभव, राजनीतिक पकड़ और जनाधार राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाता था.

परिवार के प्रति संवेदनाएं

इस दुखद समय में संवेदनाएं सबसे पहले अजीत पवार के परिवार के साथ हैं. इसके साथ ही महाराष्ट्र की जनता और वरिष्ठ नेता शरद पवार के लिए भी यह एक गहरा व्यक्तिगत और राजनीतिक आघात है. देशभर से लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं.

सच सामने आना बेहद जरूरी

यह हादसा केवल एक दुर्घटना है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है, यह सामने आना बेहद जरूरी है. देश की जनता सच जानना चाहती है. अजीत पवार की मौत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसे की भी बड़ी क्षति है.

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