जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरा, मुठभेड़ जारी
आज जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में सुरक्षा बलों और छिपे हुए आतंकवादियों के बीच एक बार फिर हिंसक मुठभेड़ शुरू हो गई है. ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत आतंकियों से दोबारा संपर्क हुआ है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में गुरुवार 22 जनवरी को सुरक्षा बलों और छिपे हुए आतंकवादियों के बीच एक बार फिर हिंसक मुठभेड़ शुरू हो गई है. पिछले कुछ दिनों से चल रहे तलाशी अभियान के दौरान सिंहपुरा इलाके में आतंकियों से दोबारा संपर्क हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई. अधिकारी बताते हैं कि यह अभियान अभी भी जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
रविवार से चल रहा 'ऑपरेशन त्राशी-1'
यह पूरा अभियान रविवार को चत्रू क्षेत्र के सोनार गांव, मन्द्रल-सिंहपुरा के पास शुरू हुआ था. शुरुआती गोलीबारी में एक पैराट्रूपर शहीद हो गए, जबकि सात अन्य जवान घायल हो गए. ज्यादातर घायलों को आतंकवादियों के अचानक ग्रेनेड हमले से छर्रे लगने के कारण चोटें आईं. सुरक्षा बलों ने इलाके में सख्त घेराबंदी कर रखी है और अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है ताकि आतंकियों को पकड़ा जा सके.
आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़
सोमवार को मुठभेड़ वाली जगह के पास एक बड़ा आतंकी ठिकाना मिला, जहां से सर्दियों के लिए रखा गया काफी सामान जैसे खाने-पीने की चीजें, कंबल और बर्तन बरामद हुए. कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है.
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 2 से 3 आतंकवादी इस घने जंगल में फंसे हुए हैं. अभियान को 'ऑपरेशन त्राशी-1' नाम दिया गया है, जिसके तहत ड्रोन, स्निफर डॉग और हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
जम्मू क्षेत्र में बढ़ती सतर्कता
इस महीने जम्मू क्षेत्र में यह तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावार इलाके में दो मुठभेड़ें हुई थीं. गणतंत्र दिवस नजदीक होने के कारण सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में अलर्ट पर हैं. खुफिया जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के रास्ते और आतंकवादियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है. राजौरी, पुंछ, सांबा, कठुआ, उधमपुर और डोडा जैसे जिलों में भी तलाशी अभियान चल रहे हैं.


