MP के सतना में पागल कुत्ते का तांडव, एक के बाद एक 40 लोगों को काटा, अस्पताल में मची चीख-पुकार
राज्य सरकार ने 2023 तक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम को रेबीज मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. लेकिन ग्वालियर शहर में अकेले पिछले एक साल में कुत्तों के काटने से 81754 लोग घायल हो चुके हैं. ये आंकड़े सरकारी वादों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं.

मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को सतना जिले में एक ही आवारा कुत्ते ने करीब 40 लोगों को अपना शिकार बना लिया. घटना के बाद सभी घायल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों ने सभी पीड़ितों को एंटी रैबीज का टीका लगाया है.
एक अधिकारी ने जानकारी दी कि आवारा कुत्ते के काटने से जख्मी हुए करीब 40 लोग जिला अस्पताल पहुंचे, जहां सभी का इलाज चल रहा है. पीड़ितों को डॉक्टरों द्वारा एंटी रैबीज का टीका लगाया जा रहा है. शहर में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है.
गहरा नाला से अस्पताल चौक तक मचाया आतंक
सतना जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज के लिए बुधवार को कुल 40 मरीज पहुंचे, जिन्हें शहर के एक ही कुत्ते ने काटा है. उनके मुताबिक शहर के गहरा नाला से लेकर अस्पताल चौक के बीच उस कुत्ते ने लगभग 40 लोगों को काटा और जिला अस्पताल में सभी घायलों को एंटी रैबीज का टीका लगाया जा रहा है.
पीड़ित ने क्या कहा?
आवारा कुत्ते के काटने से घायल हुए पीड़ित सुंदरलाल साकेत ने बताया कि वह अस्पताल चौक के पास चाय पीने आया हुआ था, जहां घूम रहे एक भूरे रंग के कुत्ते ने उन्हें काट लिया. उसने कहा, मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा. मेरे बाद उस कुत्ते ने लगातार करीब 8-10 लोगों को मेरे सामने शिकार बनाया.” इससे पहले इंदौर के महू में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक कुत्ते ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था.
MP में 10 लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते
नेशनल हेल्थ मिशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या 10 लाख से अधिक है. इनमें आर्थिक राजधानी इंदौर में आवारा कुत्तों की संख्या सबसे ज्यादा है और इंदौर में आवारा कुत्तों के काटने के सर्वाधिक मामले भी दर्ज हुए हैं. इसके बाद राजधानी भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य जिलों में आवारा कुत्तों की तादाद ज्यादा है.


