मानसून सत्र में हंगामे के बाद PM का मास्टरप्लान, मंत्रियों के संग किया हाई लेवल मीटिंग

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत धमाकेदार रही. पहले ही दिन हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में एक अहम बैठक बुलाई. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे दिग्गज मंत्रियो की मौजूदगी रही, जिसने सत्र के रोमांच को और बढ़ा दिया.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Monsoon Session 2025: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को भारी हंगामे और राजनीतिक खींचतान के साथ हुई. जहां विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित कई प्रमुख मंत्री शामिल रहे. वहीं दूसरी ओर, संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी.

मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा 

सत्र के पहले ही दिन लोकसभा को चार बार स्थगित करना पड़ा, जब विपक्षी सांसदों ने ऑपरेशन सिंदूर पर तत्काल चर्चा की मांग की. यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 जवान शहीद हुए थे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, 'प्रश्न के बाद सदस्यों को ऑपरेशन सिंदूर सहित सभी मुद्दे उठाने की अनुमति दी जाएगी.' सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे की चर्चा निर्धारित की है. साथ ही आयकर संशोधन विधेयक पर भी 12 घंटे की चर्चा की योजना है.

PM मोदी की अहम बैठक

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में आने वाले सत्र की रणनीति और विपक्ष की आक्रामकता का जवाब देने के तरीके पर चर्चा हुई. बैठक में विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि सरकार सभी प्रमुख विधेयकों और बहसों को समय पर संपन्न कर सके.

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की शुरुआत

मानसून सत्र के पहले ही दिन एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब लोकसभा के 152 सांसदों ने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ज्ञापन सौंपा. यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहत लाया गया है और इसे भाजपा, कांग्रेस, टीडीपी, जेडीयू, सीपीएम सहित कई दलों का समर्थन प्राप्त है. हस्ताक्षरकर्ताओं में अनुराग ठाकुर, रविशंकर प्रसाद, राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.

वर्मा के खिलाफ आरोप और सुप्रीम कोर्ट की जांच

मार्च में उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर लगी आग के बाद बड़ी मात्रा में जले हुए 500 के नोट पाए गए थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त जांच पैनल ने पाया कि जिस स्थान से नकदी मिली, उस पर न्यायमूर्ति वर्मा और उनके परिवार का नियंत्रण था. पैनल ने यह निष्कर्ष निकाला कि, 'यह कदाचार इतना गंभीर है कि न्यायाधीश को पद से हटाया जाना चाहिए.' हालांकि जस्टिस वर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताया और किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है.

संसद अब जांच करेगी

अब चूंकि दोनों सदनों में प्रस्ताव को जरूरी संख्या में समर्थन मिल चुका है, संसद महाभियोग की संवैधानिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी. उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने भी बताया कि उन्हें राज्यसभा में 50 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव प्राप्त हुआ है और उन्होंने आगे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं.

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