पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला: कहा- 'एक नया गुट उभर रहा है, जल्द होगा विभाजन'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस’ करार दिया और कहा कि इस पार्टी में जल्द ही विभाजन के संकेत नजर आ रहे हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस’ करार दिया और कहा कि इस पार्टी में जल्द ही विभाजन के संकेत नजर आ रहे हैं. उन्होंने ये टिप्पणी बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ऐतिहासिक जीत के बाद नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए की.

प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर वार 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस अब नकारात्मक राजनीति में पूरी तरह उलझ गई है और पार्टी के भीतर एक अलग गुट उभर रहा है, जो इस राजनीति से असहज है. उन्होंने संकेत दिया कि यह गुट भविष्य में पार्टी को और अधिक विभाजित कर सकता है. उनका यह कटाक्ष उस समय आया जब कांग्रेस बिहार में केवल तीन सीटें जीत पाई, जबकि तीन अन्य सीटों पर आगे चल रही थी. कांग्रेस ने इस चुनाव में कुल 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे.

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के गठबंधन सहयोगियों पर भी इशारा करते हुए कहा कि वे जानते हैं कि पार्टी अपनी नकारात्मक राजनीति के कारण सबको प्रभावित कर रही है. राहुल गांधी पर भी प्रधानमंत्री ने परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के ‘नामदार’ अपने अभियान में ऐसा काम कर रहे हैं जिससे वह स्वयं और अन्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने इसे पार्टी की परजीवी प्रवृत्ति का उदाहरण बताया, जो सहयोगियों के वोट बैंक को निगलकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है.

पीएम मोदी ने 6 विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का हवाला दिया

पीएम मोदी ने पिछले छह विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस अवधि में कांग्रेस के चुने गए विधायकों की संख्या भाजपा के विधायकों से कम रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई दशकों से कई राज्यों में सत्ता में नहीं लौट पाई है और पिछले छह विधानसभा चुनावों में उसने मात्र 100 सीटें जीती हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव इस साल दो चरणों में हुए थे, 6 और 11 नवंबर को. 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 था. चुनाव आयोग के अनुसार इस बार बिहार में मतदान दर अभूतपूर्व 66.91 प्रतिशत रही, जो 1951 के बाद सबसे अधिक है. एनडीए ने 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर राजनीतिक परिदृश्य में अपनी मजबूत पकड़ कायम की है, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा.

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