लेह में पूर्ण राज्य की मांग को लेकर हिंसक हुआ प्रदर्शन, छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प; CRPF की गाड़ी में लगाई आग

Leh Protests: लेह में छात्रों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया. सरकार विरोधी नारों के बीच पुलिस से झड़प हुई और CRPF की गाड़ी जला दी गई. छात्र लद्दाख की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा की मांग पर अडिग हैं. स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Leh Protests: लेह में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में किया गया, जो लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. छात्रों ने इसी मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है और इसे लेकर अब आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है. 

सरकार विरोधी नारों से गूंजा लेह

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. छात्रों का कहना है कि लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से क्षेत्र की पहचान, संस्कृति और संसाधनों पर खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में पूर्ण राज्य का दर्जा ही लद्दाख के हितों की रक्षा कर सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. 

पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प

जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, स्थिति बेकाबू होने लगी. छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई, जिसमें हल्की धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी की खबरें भी सामने आई हैं. पुलिस ने हालात को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था. घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया गया है. 

सीआरपीएफ की गाड़ी को किया आग के हवाले

प्रदर्शन के दौरान छात्रों का गुस्सा उस वक्त भड़क उठा जब उन्होंने सीआरपीएफ की एक गाड़ी को आग लगा दी. यह घटना आंदोलन की गंभीरता को दर्शाती है और यह भी बताती है कि प्रदर्शनकारी किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. इस आगजनी की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए रणनीति और सख्ती दोनों बढ़ा दी हैं. 

मांगों पर अडिग हैं छात्र

छात्रों का कहना है कि लद्दाख की जनसंख्या भले ही कम हो, लेकिन उनकी संस्कृति, पारिस्थितिकी और सामाजिक संरचना को बचाने के लिए उन्हें राजनीतिक अधिकार मिलना जरूरी है. पूर्ण राज्य का दर्जा ही इस क्षेत्र को स्थायी सुरक्षा और पहचान दे सकता है. वे बार-बार यह दोहरा रहे हैं कि यह सिर्फ राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि लद्दाख की अस्मिता का सवाल है. 

तनावपूर्ण माहौल, लेकिन आंदोलन जारी

लेह में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है. प्रशासन लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन छात्र अपने रुख पर कायम हैं. लद्दाख में बढ़ती असहमति और युवाओं का बढ़ता गुस्सा इस ओर इशारा करता है कि केंद्र सरकार को जल्द ही इस मुद्दे पर सार्थक संवाद शुरू करना होगा. 

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