MiG-21 की विदाई से पहले वायुसेना को मिलेगा तेजस का तोहफा! 97 Tejas Mark-1A जेट के लिए 66,500 करोड़ रुपए की डील पर लगेगी मुहर
Tejas Mark-1A jets: रक्षा मंत्रालय और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच 97 विमानों की खरीद के लिए 66,500 करोड़ रुपए का सबसे बड़ा सौदा आज साइन हो सकता है. यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को नई उड़ान देने के साथ-साथ मेक इन इंडिया पहल को भी मजबूत करेगी.

Tejas Mark-1A jets: भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ने जा रहा है. रक्षा मंत्रालय और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच 97 तेजस मार्क-1ए विमानों के लिए 66,500 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक सौदा आज साइन हो सकता है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह समझौता अब तक का सबसे बड़ा अनुबंध होगा जो किसी स्वदेशी फाइटर जेट के लिए किया जा रहा है.
इस मेगा डील की आधिकारिक घोषणा गुरुवार को होने की संभावना है. यह सौदा न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत को नई ऊंचाई देगा बल्कि "मेक इन इंडिया" पहल को भी मजबूत करेगा. नबता दें कि शुक्रवार को भारतीय वायु सेना अपने आखिरी दो स्क्वॉड्रन MiG-21 लड़ाकू विमानों को रिटायर करने जा रही है. बता दें कि शुक्रवार को भारतीय वायु सेना अपने आखिरी दो स्क्वॉड्रन MiG-21 लड़ाकू विमानों को रिटायर करने जा रही है.
कैबिनेट कमेटी ने दी थी मंजूरी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, 19 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने अतिरिक्त 97 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी. इसी फैसले ने इस बड़े सौदे का रास्ता साफ किया था.
इंजन सप्लाई डील भी फाइनल
इसके साथ ही एक और अहम सौदा भी तय हो गया है. जनरल इलेक्ट्रिक (GE) कंपनी के साथ 113 F-404 इंजन की सप्लाई के लिए अनुबंध फाइनल हो चुका है. यही इंजन तेजस लड़ाकू विमानों को शक्ति प्रदान करते हैं. सूत्रों का कहना है कि इस इंजन डील की घोषणा भी तेजस मार्क-1ए अनुबंध के बाद जल्द की जाएगी.
वायुसेना की ताकत में होगा बड़ा इजाफा
97 नए विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना को न केवल आधुनिक तकनीक से लैस जेट मिलेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में वायुसेना की स्क्वॉड्रन स्ट्रेंथ को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस मार्क-1ए की तैनाती वायुसेना के लिए गेम चेंजर साबित होगी.
पहले भी हो चुका है बड़ा सौदा
यह नया अनुबंध फरवरी 2021 में हुए उस समझौते के बाद आ रहा है, जिसमें 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद के लिए 46,898 करोड़ रुपए की डील हुई थी. हालांकि, उस परियोजना की डिलीवरी टाइमलाइन में कुछ देरी देखने को मिली है.


