शाहरुख और गौरी खान के खिलाफ दिल्ली HC पहुंचे समीर वानखेड़े, लगाया छवि खराब करने का आरोप...मांगे 2 करोड़
पूर्व नारकोटिक्स और IRS अधिकारी समीर वानखेड़े ने Netflix और रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि "Ba***ds of Bollywood" सीरीज़ में उन्हें झूठे और अपमानजनक रूप में दिखाया गया है. ₹2 करोड़ हर्जाने की मांग की गई है, जिसे वह कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दान देना चाहते हैं. मामला अभी अदालत में लंबित है.

Sameer Wankhede Lawsuit : पूर्व नारकोटिक्स अधिकारी और वर्तमान में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) से जुड़े समीर वानखेड़े ने दिल्ली उच्च न्यायालय में नेटफ्लिक्स, रेड चिली एंटरटेनमेंट, शाहरुख खान और गौरी खान समेत कई पक्षों के खिलाफ एक मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उनका आरोप है कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित सीरीज "Ba*ds of Bollywood"** में उन्हें गलत, झूठे और अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है, जिससे उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है.
2 करोड़ की क्षतिपूर्ति की मांग
Sameer Wankhede, former NCB Mumbai zonal director, has filed a defamation suit in the Delhi High Court against Red Chillies Entertainment Pvt. Ltd., owned by actor Shah Rukh Khan and Gauri Khan, global streaming platform Netflix, and others. He alleges that their series “Ba**ds…
— ANI (@ANI) September 25, 2025
सीरीज में एजेंसियों की छवि को धूमिल किया गया
मुकदमे में यह कहा गया है कि इस सीरीज को जानबूझकर इस प्रकार निर्मित किया गया है जिससे मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियों और उनके अधिकारियों की छवि को धूमिल किया जाए. समीर वानखेड़े का कहना है कि ऐसी सामग्री से आम जनता का विश्वास इन संस्थानों से डगमगा सकता है, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है.
आर्यन खान केस का उल्लेख, लंबित मामला होने का तर्क
गौरतलब है कि वानखेड़े वही अधिकारी हैं जिन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े बहुचर्चित ड्रग्स मामले की जांच की थी. उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि यह मामला अब भी बॉम्बे हाई कोर्ट और NDPS स्पेशल कोर्ट में लंबित है, और ऐसे में इस पर आधारित कोई भी सार्वजनिक प्रस्तुति न केवल अनुचित है बल्कि न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है.
‘सत्यमेव जयते’ के अपमान पर भी आपत्ति
वानखेड़े ने सीरीज़ के एक विशेष दृश्य पर भी आपत्ति जताई है जिसमें एक पात्र "सत्यमेव जयते" कहने के तुरंत बाद अश्लील इशारा करता है (मिडिल फिंगर दिखाता है). वानखेड़े का कहना है कि यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक और राष्ट्रीय सम्मान का गंभीर अपमान है और यह Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत दंडनीय अपराध है.
IT अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता का उल्लंघन
अपनी याचिका में वानखेड़े ने यह भी आरोप लगाया है कि सीरीज़ में कई ऐसे दृश्य और संवाद शामिल हैं जो भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं. उन्होंने कहा कि यह सामग्री अश्लील, उकसाने वाली और राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है.


