तेलंगाना निकाय चुनाव में कांग्रेस की आंधी, BRS दे रही कड़ा मुकाबला; बीजेपी को बड़ा झटका

तेलंगाना की 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के चुनावी रुझानों में कांग्रेस ने मजबूत बढ़त बनाई है. BRS दूसरे स्थान पर है, जबकि बीजेपी पिछड़ती दिख रही है. इन नतीजों को आगामी विधानसभा चुनावों का अहम संकेत माना जा रहा है.

Shraddha Mishra

तेलंगाना: तेलंगाना के शहरी इलाकों से आ रहे ताजा चुनावी रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. नगर पालिकाओं और नगर निगमों के चुनावों की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, तस्वीर साफ होती जा रही है कि इस बार शहरी मतदाता किसके साथ खड़ा नजर आ रहा है. शुरुआती आंकड़े सत्ताधारी कांग्रेस के लिए राहत भरे हैं, जबकि विपक्षी दलों के लिए यह चिंता का विषय बनता दिख रहा है.

123 केंद्रों पर जारी मतगणना

राज्य की 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए डाले गए वोटों की गिनती शुक्रवार सुबह 8 बजे से 123 केंद्रों पर शुरू हुई. सुबह से ही मतगणना केंद्रों के बाहर हलचल रही. शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बढ़त बना ली. कई जगहों पर पार्टी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं या जीत दर्ज कर चुके हैं.

ताजा आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस 900 से अधिक सीटों पर बढ़त या जीत की स्थिति में बताई जा रही है. वहीं मुख्य विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) लगभग 500 से ज्यादा सीटों पर आगे है. भारतीय जनता पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती दिख रही और वह करीब 150 से ज्यादा सीटों पर बढ़त में है. सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक के रुझानों में कांग्रेस 300 वार्डों में, बीआरएस 170 और भाजपा 48 वार्डों में आगे थी. इन आंकड़ों को शहरी मतदाताओं के रुझान का संकेत माना जा रहा है.

कड़े सुरक्षा इंतजाम और भारी मतदान

मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 12 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की है और वेबकास्टिंग के जरिए पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है. इस चुनाव में 73 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो शहरी क्षेत्रों में बढ़ती राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर मतदान भविष्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है.

अलग-अलग क्षेत्रों के नतीजे

कुछ नगर पालिकाओं के शुरुआती परिणामों में कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है. अश्वराओपेटा में कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं, जबकि बीआरएस को 2 और भाजपा को 1 सीट मिली. एडुलापुरम में कांग्रेस 11 वार्डों में आगे रही, जबकि सीपीएम और बीआरएस को सीमित सफलता मिली. वायरा और सथुपल्ली में भी कांग्रेस ने मजबूत प्रदर्शन किया. कल्लूर और मधिरा में भी पार्टी ने कई वार्डों में बढ़त बनाई. वहीं, रंगा रेड्डी जिले में मुकाबला कड़ा नजर आया, जहां बीआरएस और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही.

विधानसभा चुनावों से पहले का सेमीफाइनल!

इन चुनावों को सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले का सेमीफाइनल समझा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में जो रुझान दिख रहे हैं, वे आने वाले समय में राज्य की सियासत की दिशा तय कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने हाल ही में दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अच्छे नतीजों का भरोसा जताया था. 

भाजपा ने भी खुद को कांग्रेस और बीआरएस के विकल्प के रूप में पेश करने के लिए जोरदार प्रचार किया, लेकिन शुरुआती रुझान उसके पक्ष में नहीं दिख रहे. अभी अंतिम नतीजों का इंतजार है, लेकिन मौजूदा रुझानों ने साफ कर दिया है कि तेलंगाना की शहरी राजनीति में मुकाबला दिलचस्प मोड़ ले चुका है. आने वाले घंटों में तस्वीर और स्पष्ट होगी.

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