अयोध्या कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने खाली कराया परिसर, सर्च ऑपरेशन जारी
अयोध्या में कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर को एहतियातन खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया.

अयोध्या: अयोध्या मे न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को हड़कंप मच गया. जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं. एहतियात के तौर पर कचहरी परिसर को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया.
दोपहर करीब पौने एक बजे भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. बम निरोधक दस्ता और स्निफर डॉग्स की टीम को भी बुलाया गया. अदालत कक्षों को खाली कराकर वकीलों के बैग और परिसर में मौजूद अन्य सामान की बारीकी से जांच की गई. वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर डटे रहे और हालात की निगरानी करते रहे.
लावारिस झोले से बढ़ी चिंता
तलाशी के दौरान कचहरी परिसर में एक फोटोस्टेट की दुकान के पास लावारिस झोला मिला, जिससे कुछ देर के लिए तनाव और बढ़ गया. हालांकि जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है. सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं.
वाराणसी और इलाहाबाद भी निशाने पर
मामला केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहा. वाराणसी कचहरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट और प्रदेश के अन्य जिलों के न्यायालय परिसरों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. धमकी देने वाले ने क्रमवार 18 विस्फोट करने की बात कही थी, जिससे प्रशासनिक तंत्र में गंभीरता और बढ़ गई.
इसी बीच एक स्थान पर लावारिस अटैची मिलने से सनसनी फैल गई. बम निरोधक दस्ता उसकी जांच में जुटा है. सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी के साथ-साथ कलक्ट्रेट कार्यालय और रजिस्ट्री दफ्तरों को भी खाली कराया गया. अयोध्या में भी अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए दोबारा चेकिंग की जा रही है.
तमिलनाडु से भेजा गया ईमेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु के सुनिया डायस नामक व्यक्ति की ओर से भेजा गया बताया जा रहा है. ईमेल में कई चौंकाने वाले दावे भी किए गए हैं. उसमें आरोप लगाया गया है कि तमिलनाडु सरकार 2021 तक मीडिया को खत्म करने की योजना बना रही थी और इसके लिए बड़े पत्रकारों को अपने पक्ष में इस्तेमाल कर रही थी.
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी न्यायालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.


