NSA डोभाल और सेनाओं संग बैठकों के बाद बना 'ऑपरेशन सिंदूर' का प्लान... पढ़ें मोदी के हर कदम की पूरी इनसाइड स्टोरी
22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने सऊदी यात्रा बीच में छोड़ भारत लौटकर ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी शुरू की. अजीत डोभाल, सेनाध्यक्षों और CCS के साथ लगातार बैठकें हुईं. 6 मई की रात हमले से ठीक पहले अंतिम रणनीति बनी. 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम भी पीएम मोदी की सलाह पर रखा गया.

भारत ने पाकिस्तान को ऐसा जवाब दिया है, जिसे वह लंबे समय तक भूल नहीं पाएगा. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में गुस्सा था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गुस्से को पाकिस्तान के खिलाफ ठोस कार्रवाई में बदल दिया. "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत भारत ने पाकिस्तान और POK में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया. लेकिन इस हमले से पहले और बाद में दिल्ली में पीएम मोदी ने कौन-कौन से बड़े फैसले लिए, किससे मीटिंग की, ये जानना बेहद जरूरी है.
22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से ही पीएम मोदी लगातार बैठकों में जुटे थे. उन्होंने अपनी विदेश यात्रा भी बीच में छोड़ दी और भारत लौटकर आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ा जवाब तैयार किया. उनकी इन बैठकों और फैसलों की कड़ी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और सेना प्रमुखों के साथ हुई चर्चाएं खास रहीं.
हमले से ठीक पहले दो अहम बैठकें
मंगलवार (6 मई) की रात जब भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया, उससे कुछ ही देर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से खास मुलाकात की. यही बैठक थी जिसमें अंतिम रणनीति को हरी झंडी मिली. स्ट्राइक के बाद बुधवार (7 मई) सुबह पीएम मोदी ने एक बार फिर अजीत डोभाल से मुलाकात की और ऑपरेशन की रिपोर्ट ली.
पहलगाम हमले के बाद सऊदी यात्रा बीच में छोड़ी
22 अप्रैल को जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला कर 26 लोगों की जान ले ली थी, तब पीएम मोदी विदेश यात्रा पर थे. लेकिन इस हमले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपनी सऊदी अरब यात्रा बीच में ही छोड़ दी और तुरंत भारत लौट आए. यह संकेत था कि सरकार इस बार सिर्फ निंदा तक सीमित नहीं रहने वाली.
CCS बैठक में हुए बड़े फैसले
भारत लौटते ही पीएम मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई. इस अहम बैठक में पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की गई. यहीं से तय हुआ कि भारत इस बार निर्णायक कार्रवाई करेगा और पाकिस्तान की धरती पर बैठे आतंकियों को निशाना बनाया जाएगा.
तीनों सेनाओं के प्रमुखों से अलग-अलग बैठकें
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रमुखों से अलग-अलग मीटिंग्स कीं. इन बैठकों में सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई और पीएम मोदी ने सेनाओं को साफ निर्देश दिया — पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए उन्हें पूरी छूट है.
PM मोदी की सलाह पर रखा गया 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम
इस सैन्य कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया, जो खुद पीएम मोदी की सलाह पर तय किया गया. यह नाम न सिर्फ दुश्मन को खून का रंग दिखाने का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि भारत अब चुप बैठने वाला नहीं है.


