रुसी तेल की खरीद घटा रहा भारत, अमेरिका ने विकल्प में वेनेजुएला का तेल देने की पेशकश 

अमेरिका ने भारत के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है. अमेरिका ने कहा की वह जल्दी ही वेनेज़ुएला से कच्चा तेल खरीदना शुरू करेगा जिसे वह भारत को रूसी तेल के विकल्प में पेश करेगा.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है. अमेरिका ने कहा की वह जल्दी ही वेनेज़ुएला से कच्चे तेल खरीदना शुरू करेगा जिसे वह भारत को रुसी तेल के विकल्प में पेश करेगा. क्योकि डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 500% टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रुसी तेल का आयत तेजी से कम कर दिया है. 

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारत ने रूस तेल से कच्चे तेल की खरीद में भरी कटौती करने का विचार किया है. सूत्रों ने बताया की भारत आने वाले कुछ समय में रूस से कई लाख बैरल तेल की खरीद में कटौती करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है. 

अमेरिका का रुख फिर भारत की ओर बदला 

ट्रंप ने मार्च 2025 में भारत समेत वेनेज़ुएला से तेल खरीदने वाले देशो पर 25% टैरिफ लगाया था और उनके प्रशासन प्रशासन ने वेनेज़ुएल के राष्ट्रपति खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था जिसके बाद 3 जनवरी 2026 में सैन्य कार्यवाही के दौरान अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. 

तब से अमेरिका ने भारत को बदलाव का संकेत दिया की वह रुसी तेल की घटती आपूर्ति की भरपाई में मदद के लिए वेनेज़ुएल से फिर से तेल खरीद शुरू कर सकता है. यह कदम रुसी तेल निर्यात से होने वाले रेवेनुए को काम करने के अमरीका के कोशिश के अनुरूप है , जो रूस यूक्रेन वॉर फंड करने में मदद कर रहा है. 

सूत्रों ने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी कि वेनेजुएला का तेल विटोल या ट्राफिगुरा जैसी बाहरी ट्रेडिंग कंपनियों द्वारा बेचा जाएगा, या इसे वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA सीधे बेचेगी.

रुसी तेल का प्रमुख खरीदार बना भारत 

2022 में यूक्रेन पर रुसी हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंध और भारी छूट मिलने पर भारत रुसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया.

हालांकि इसके कुछ ही समय बाद अमेरिका ने भारत से निर्यात हो रही वस्तुओ पर टैरिफ बढ़ा दिया और रूसी तेल खरीद से जुड़े 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को जोड़कर, उन्होंने अगस्त तक इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया.

तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान 

तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले सप्ताह कहा था, ''रूस से तेल के आयात में गिरावट आने के कारण भारत में कच्चे तेल के संदर्भ में स्पष्ट रूप से विविधता आ रही है,'' हालांकि उन्होंने वेनेजुएला से आपूर्ति के बारे में सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा.

रॉयटर्स का दावा 

अमेरिकी न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के दो सूत्रों ने बताया कि भारत जल्द ही रूस से तेल आयात को घटाकर 10 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) से कम करने की तैयारी कर रहा है और जनवरी में आयात लगभग 12 लाख बीपीडी था और फरवरी में घटकर लगभग 10 लाख बीपीडी और मार्च में 8 लाख बीपीडी होने का अनुमान है.

एक अन्य सूत्र ने बताया कि उत्पादन की मात्रा अंतत रोज़ाना लगभग 500,000-600,000 बैरल प्रति दिन तक पहुँच सकता है, जिससे भारत को  संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट करने में मदद मिल सकती है.

रूसी तेल का इंपोर्ट दो साल में सबसे निचले स्तर पर

ट्रेड सूत्रों के अनुसार, दिसंबर में भारत का रूसी तेल का इंपोर्ट दो साल में सबसे निचले स्तर पर आ गया, जिससे भारत के कुल इंपोर्ट में ओपेक देशों के तेल का हिस्सा 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इस गिरावट की भरपाई के लिए, भारतीय रिफाइनरों ने मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका से तेल की खरीदारी बढ़ा दी.

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