टला बड़ा हादसा...बरसाना में लठमारा होली के दौरान भगदड़, राधा रानी के दर्शन को बेकाबू हुई भीड़...कई श्रद्धालु दबे

बरसाना में लट्ठमार होली के दौरान बेकाबू भीड़ के कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई. पुलिस और स्थानीय युवाओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरकर दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जिससे बड़ा हादसा टल गया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : मथुरा के बरसाना में बुधवार को लट्ठमार होली के पावन और उल्लासपूर्ण अवसर के बीच एक बड़ी मानवीय त्रासदी होते-होते बची. राधारानी मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब अचानक इतना अनियंत्रित और बेकाबू हो गया कि बाग मोहल्ला बैरियर पर भगदड़ जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई. भीड़ का दबाव इस कदर बढ़ा कि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए और सुरक्षा घेरा पूरी तरह चरमरा गया. गनीमत रही कि स्थानीय युवाओं और पुलिस बल ने समय रहते मोर्चा संभाला.

उत्सव के बीच अचानक बिगड़े हालात

बुधवार को दोपहर तक बरसाना में होली का आयोजन काफी शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था. दोपहर करीब दो बजे जब लट्ठमार होली अपने चरम पर थी, तभी मंदिर बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को पुराने बस अड्डे से बाग मोहल्ला होकर जाने वाले रास्ते पर बैरियर लगाकर रोक दिया गया. इसी बीच नंदगांव से आए हुरियारे मंदिर में दर्शन के लिए पहुँच गए. हुरियारों के दर्शन में समय लगने के कारण बैरियर के पीछे श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही.

बैरियर पर श्रद्धालुओं की बढ़ती होड़

मंदिर के पास संजय वकील के समीप लगाए गए बैरियर पर भीड़ का दबाव अचानक असहनीय हो गया. सुदामा चौक की ओर बढ़ने के लिए श्रद्धालुओं के बीच पहले पहुँचने की होड़ मच गई और लोग आपस में धक्का-मुक्की करने लगे. पुलिसकर्मियों ने बेकाबू स्थिति को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन पीछे से आ रही भीड़ का दबाव इतना प्रचंड था कि पुलिस को सुरक्षा के मद्देनजर विवश होकर बैरियर को तुरंत ऊपर की ओर खोलना पड़ा ताकि स्थिति को बिगड़ने से समय रहते संभाला जा सके.

भगदड़ के बाद जमीन पर गिरते श्रद्धालु

बैरियर खुलते ही मानव सैलाब बिना किसी नियंत्रण के मंदिर की ओर दौड़ पड़ा. इस भयानक अफरातफरी के बीच संतुलन बिगड़ने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े और बेकाबू भीड़ उनके ऊपर से गुजरने लगी. कई लोग भीड़ के पैरों के नीचे आकर बुरी तरह दब गए, जिससे वहां दहशत और चीख-पुकार का माहौल बन गया. संकरे रास्तों पर उमड़ी यह भीड़ किसी भी पल एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी, जिससे उपस्थित लोगों में अपनी जान बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई.

पुलिस और स्थानीय युवाओं का साहस

खतरे को भांपते हुए पुलिसकर्मी और स्थानीय युवा तुरंत सक्रिय हो गए. उन्होंने भीड़ के सामने आकर लोगों को रोकने का सराहनीय कार्य किया और जमीन पर गिरे हुए श्रद्धालुओं को दबने से बचाकर बाहर निकाला. गिरे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पर बैठाया गया ताकि वे गंभीर चोटों से बच सकें. पुलिस की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया. चश्मदीदों के अनुसार, यदि वहां अधिक बुजुर्ग होते, तो परिणाम अत्यंत दुखद हो सकता था और प्रशासन की मुश्किलें बहुत अधिक बढ़ जातीं.

बरसाना में यह कोई पहली घटना नहीं 

बरसाना में सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले वर्ष भी इसी बैरियर पर भारी भीड़ के कारण बड़ा हादसा होने से बचा था. दो साल पहले लड्डूमार होली के दौरान राजभोग दर्शन के समय मची भगदड़ में निकास द्वार की रेलिंग तक टूट गई थी और कई श्रद्धालु गश खाकर गिर गए थे. बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं प्रशासन के भीड़ प्रबंधन पर सवालिया निशान लगाती हैं, जिस पर भविष्य की तैयारियों के लिए प्रशासन को गंभीरता से विचार करना होगा.

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