Uttarakhand Flood: भीमगोडा बैराज का गेट टूटने से गंगा नदी में उफान, उत्तराखंड में भूस्खलन से कई रास्ते बंद

Uttarakhand Flood:हरिद्वार में तेज बहाव से पानी आने के कारण भीमगोडा बैराज का एक गेट क्षतिग्रस्त हो गया है, जिस कारण नदी का पानी अनियंत्रित होकर चारों तरफ बह रहा है. रविवार शाम को गंगा नदी का पानी खतरे के निशान के स्तर को पार कर चुका है.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

हाइलाइट

  • भीमगोडा बैराज का गेट टूटने से गंगा नदी में उफान भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद उत्तराखंड के 71 गांव में बाढ़ की स्थिति

Uttarakhand Flood Alert: उत्तराखंड में रविवार को भारी बारिश होने के कारण भूस्खलन होने से कई  सड़कों पर यातायात बंद हो गए हैं.  वहीं अलकनंदा नदी पर बने बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है जिस कारण देवप्रयाग में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. पौड़ी जिले के श्रीनगर में अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण उस पर बनी जीवीके जलविद्युत परियोजना के बांध से आज सुबह 2000-3000 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है. जिसके बाद भारी बारिश से उफनाई गंगा नदी के जलस्तर में जबरदस्त उछाल आया है.

टिहरी जिले में गंगा नदी खतरे के निशान यानी की 463 मीटर का स्तर पार कर 463.20 मीटर पर पहुंच गया है. इससे संगम घाट धनेश्वर घाट रामकुंड घाट और कुल्हाड़ी घाट में पानी भर गया है. टिहरी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार लोगों को इस बात से आगाह करते हुए नदी के किनारे से दूर रहने को कहा है.

अनियंत्रित होकर बह रही गंगा नदी का पानी-

उत्तर प्रदेश कैनाल हेडवर्क के SDO शिव कुमार कौशिक ने बताया कि गंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है जिस कारण निचले इलाकों में बसे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि हरिद्वार में तेज बहाव में पानी आने से भीमगोडा बैराज का फाटक क्षतिग्रस्त हो गया है जिस कारण गंगा नदी का पानी अनियंत्रित होकर बह रहा है. आपको बता दें कि हरिद्वार के जिलाधिकारी धीरज सिंह को गेट नंबर 10 को जल्द से जल्द ठीक करने का आदेश दिया गया है. ताकि टूटे गेट की वजह होने वाले भारी नुकसान को रोका जा सके.

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