VP-Election: उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर NDA में मंथन तेज, PM मोदी और नड्डा आज करेंगे उम्मीदवार का चयन

उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है और भाजपा व एनडीए इस पर मंथन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उम्मीदवार तय करने का अधिकार दिया गया है. जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी जाट समुदाय से किसी नेता को उम्मीदवार बना सकती है. नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Vice President election India 2025 : देश के नए उपराष्ट्रपति पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में विचार-विमर्श का दौर जोरों पर है. इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा 12 अगस्त को एनडीए के साझा उम्मीदवार के नाम का चयन करेंगे. चुनाव आयोग ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा और 21 अगस्त नामांकन की अंतिम तिथि है. ऐसे में उम्मीदवार की घोषणा 12 अगस्त तक किए जाने की संभावना है.

PM और नड्डा को दिया गया अधिकार

उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार तय करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह प्रस्ताव पारित हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष नड्डा इस विषय में अंतिम निर्णय लें. बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि जो भी नाम तय किया जाएगा, उसे एनडीए के सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त होगा.

NDA की बैठक में प्रमुख नेता रहे मौजूद
इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे, एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान, टीडीपी के लवू कृष्ण देवरायलु और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले जैसे कई प्रमुख नेता मौजूद थे. वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि उनकी पार्टी बीजेपी के किसी भी उम्मीदवार को बिना शर्त समर्थन देगी.

धनखड़ के इस्तीफे से खाली हुआ पद
यह उपराष्ट्रपति चुनाव जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद जरूरी हो गया. धनखड़ ने मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उनके और केंद्र सरकार के बीच तनाव की स्थिति थी, जिसके चलते उन्होंने पद छोड़ा.

जाट समुदाय से उम्मीदवार दिए जाने की अटकलें
धनखड़ राजस्थान के जाट समुदाय से आते थे, और अब कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी एक बार फिर जाट समाज के व्यक्ति को ही यह जिम्मेदारी सौंप सकती है. अगर ऐसा होता है, तो गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, जो कि हरियाणा से हैं और जाट समुदाय से आते हैं, एक संभावित नाम हो सकते हैं. हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

चुनाव कार्यक्रम पहले ही घोषित
चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी थी. 7 अगस्त को नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई, जो 21 अगस्त तक चलेगी. जिसके बाद 22 अगस्त तक  नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. 9 सितंबर को मतदान और परिणाम दोनों घोषित किए जाएंगे.

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