X के नए ट्रांसपेरेंसी फीचर ने खोला सोशल मीडिया का असली राज
X पर कई ऐसे ट्विटर अकाउंट जो भारत में राजनीतिक बवाल मचाते हैं, झूठी खबरें फैलाते हैं और तरह-तरह की अफवाहें उड़ाते रहते हैं. ये असल में भारत में बैठकर नहीं चलाए जा रहे. ये अकाउंट ज्यादातर पाकिस्तान और वेस्ट एशिया के देशों से ऑपरेट हो रहे हैं. यानी जो मैसेज आपको लगता है कि अपने देश का कोई देशभक्त या विपक्षी लिख रहा है, हो सकता है वो इस्लामाबाद, कराची या कहीं और की किसी कुर्सी से टाइप किया जा रहा हो.

नई दिल्ली: एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हाल ही में एक नया ट्रांसपेरेंसी फीचर लॉन्च किया है, जिसने प्लेटफॉर्म पर गतिविधियों की पारदर्शिता बढ़ा दी है. यह फीचर उपयोगकर्ताओं के देश और क्षेत्र को उनके इंटरनेट उपयोग के आधार पर दिखाता है, चाहे उनके बायो या प्रोफाइल में कुछ भी लिखा हो. इसके अलावा, यह फीचर यह भी बताता है कि किसी उपयोगकर्ता ने कितनी बार अपना यूजरनेम बदला है, और बार-बार नाम बदलने वाले अकाउंट्स संदिग्ध गतिविधियों के संकेत देते हैं.
इस नए फीचर का सबसे बड़ा उद्देश्य राजनीतिक अभियानों और को-ऑर्डिनेटेड कैंपेन की जांच करना माना जा रहा है. अमेरिका में MAGA अभियान पर इसके इस्तेमाल के बाद भारतीय संदर्भ में भी कई ऐसे अकाउंट्स सामने आए हैं जो भारतीय उपयोगकर्ताओं के रूप में दिखते हैं लेकिन विदेशी स्थानों से चला रहे होते हैं.
भारत में विदेशी हस्तक्षेप की आशंका
भारत में कई हजारों X अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है जो किसान आंदोलन, NRC–CAA विरोध, संभल हिंसा और चुनावों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक अभियान चला रहे हैं. इन अकाउंट्स में से कई पाकिस्तान या वेस्ट एशिया से संचालित पाए गए हैं.
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, कई ऐसे अकाउंट्स भारतीय नागरिक होने का दावा करते हैं लेकिन असल में विदेश में चल रहे होते है.
वेस्ट एशिया और सऊदी अरब से ऑपरेट किए गए अकाउंट्स
इसके अलावा, वेस्ट एशिया और सऊदी अरब से संचालित अकाउंट्स ने उत्तर प्रदेश और मुंबई के उपयोगकर्ताओं के रूप में पोस्ट किए हैं. इन अकाउंट्स ने राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशील मुद्दों पर हिंदी में बिलकुल भारतीय उपयोगकर्ताओं की तरह कंटेंट बनाई जाती है.
तकनीकी सीमाएं और गलत डेटा की संभावना
X का नया फीचर तकनीकी रूप से सीमित भी है. VPN या प्रॉक्सी का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं का देश और क्षेत्र गलत दिख सकता है. उदाहरण के लिए, BJP गुजरात के अकाउंट को X ने पहले आयरलैंड आधारित दिखाया, जिसे बाद में सुधार दिया गया.
X ने स्पष्ट किया कि यह डेटा हमेशा सही नहीं हो सकता. कुछ इंटरनेट प्रदाता प्रॉक्सी का उपयोग कर सकते हैं. यदि कोई डेटा गलत है, तो इसे उपलब्ध सर्वोत्तम जानकारी के आधार पर समय-समय पर अपडेट किया जाएगा.
X का नया ट्रांसपेरेंसी फीचर सोशल मीडिया पर विदेशी हस्तक्षेप और राजनीतिक अभियानों की जांच में मददगार साबित हो सकता है. हालांकि, तकनीकी सीमाओं और VPN/प्रॉक्सी के कारण पूरी तरह सटीक परिणाम की गारंटी नहीं है. इसके बावजूद, यह फीचर ऑनलाइन राजनीतिक गतिविधियों की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


