'भारत ने सिंधु नदी के पानी को मोड़ने के लिए बनाया स्ट्रक्चर तो करेंगे हमला', पाक के रक्षा मंत्री ने फिर दी गीदड़ धमकी
भारत द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि अगर भारत ने पाकिस्तान के हिस्से के पानी को मोड़ने के लिए कोई भी ढांचा तैयार किया, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा. यह विवाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच जल संबंधी टकराव को उजागर करता है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भारत को चेतावनी दी है कि यदि भारत सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को मोड़ने के लिए कोई भी स्ट्रक्चर बनाता है, तो पाकिस्तान उसे नष्ट कर देगा. यह बयान भारत द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कुछ घंटों बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने के निर्णय के बाद आया है.
सिंधु जल समझौता रद्द
भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. यह संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जो दोनों देशों के बीच जल वितरण का आधार है. इस संधि के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों का पानी मिलता है, जो उसकी कृषि और जीवनदायिनी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने भारत के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यदि भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को मोड़ने के लिए कोई भी स्ट्रक्चर बनाया, तो पाकिस्तान उसे नष्ट कर देगा. उन्होंने इसे पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामकता का रूप बताया और कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
भारत पर आरोप
आसिफ ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने पहलगाम हमले को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल किया है ताकि वह सिंधु जल संधि से बाहर निकल सके. उन्होंने इसे 'फॉल्स फ्लैग' ऑपरेशन करार देते हुए कहा कि यह हमला जानबूझकर किया गया ताकि भारत को संधि से बाहर निकलने का कारण मिल सके. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान इस हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार करता है और एक निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करता है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह भारत के इस कदम पर ध्यान दे और दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करें. पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि वह सिंधु जल संधि के तहत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.


