चिली में भीषण जंगल की आग से 18 मौतें, सैकड़ों घर जलकर खाक

चिली में भीषण गर्मी के बीच जंगल की आग में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घर जलकर राख हो गए हैं, जिससे 50,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित हुए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

चिली इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है. रविवार को देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच भड़की जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई. अधिकारियों के अनुसार, इन आगजनी की घटनाओं में अब तक कम से कम 18 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने आपात कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

राष्ट्रपति बोरिक ने क्या कहा?

स्थिति बिगड़ने पर चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने मध्य चिली के बायोबियो क्षेत्र और राजधानी सैंटियागो से करीब 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित नुब्ले क्षेत्र में आपदा की स्थिति घोषित कर दी. इस फैसले का उद्देश्य राहत और बचाव कार्यों को तेज करना और प्रभावित इलाकों में सेना की मदद से हालात पर काबू पाना है. राष्ट्रपति बोरिक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि सरकार की ओर से सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

चिली के सुरक्षा मंत्री लुइस कॉर्डेरो ने बताया कि आपातकाल की घोषणा से सेना और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल संभव होगा. फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब दो दर्जन जंगल की आग सक्रिय हैं, जो लगभग 8,500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैल चुकी हैं. इन आग की घटनाओं के कारण करीब 50,000 लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है.

हालांकि, जमीनी स्तर पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों ने आरोप लगाया कि आग लगने के कई घंटे बाद तक केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त मदद नहीं पहुंची. बायोबियो क्षेत्र के तटीय कस्बे पेन्को के मेयर रोड्रिगो वेरा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन मौके पर सरकारी उपस्थिति न के बराबर थी. उनके मुताबिक, केवल फोन कॉल के जरिए आश्वासन दिया जा रहा था कि सेना बाद में पहुंचेगी.

रविवार को तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर

तेज हवाओं और अत्यधिक गर्मी ने राहत कार्यों को और कठिन बना दिया. रविवार को तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई इलाकों में आग आधी रात के बाद भड़की, जिससे लोग संभल भी नहीं पाए और अपने घरों में ही फंस गए.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई लोगों ने यह सोचकर घर खाली नहीं किए कि आग जंगल तक सीमित रहेगी, लेकिन हालात अचानक बेकाबू हो गए. पेन्को और आसपास के क्षेत्रों में आसमान धुएं से नारंगी रंग में बदल गया. अब तक बायोबियो के कॉन्सेप्सियन नगर क्षेत्र में कम से कम 253 घरों के पूरी तरह नष्ट होने की पुष्टि हुई है.

आग की चपेट में आने से घरों के साथ-साथ गाड़ियां, एक स्कूल और एक चर्च भी जलकर तबाह हो गए. सड़कों, खेतों और आवासीय इलाकों में जले हुए शव मिलने की खबरों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिनकी जान गई, वे उनके अपने थे और इस त्रासदी ने पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है.

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