150 विमान, 30 मिनट और एक 'किला', अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कैसे दबोचा
महज़ 30 मिनट में पूरा हुआ एक गुप्त सैन्य अभियान और 150 से ज्यादा विमानों की तैनाती, अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही किले जैसे ठिकाने से गिरफ्तार कर दुनिया को चौंका दिया. इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन ने लैटिन अमेरिका की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है.

नई दिल्ली: वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही. महज़ 30 मिनट में पूरा हुआ एक अमेरिकी सैन्य अभियान, 150 से ज्यादा विमान, अंधेरे में उड़ते हेलीकॉप्टर और एक ऐसा राष्ट्रपति जो अपने ही 'किले' में घिर गया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन महीनों की तैयारी का नतीजा था, जिसने कुछ ही घंटों में निकोलस मादुरो के शासन का अंत कर दिया.
जिस वक्त यह कार्रवाई अपने अंतिम चरण में थी, उसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शुक्रवार की सुबह सोशल मीडिया पर सक्रिय थे. लेकिन पर्दे के पीछे "एब्सोल्यूट रिजॉल्व" नाम का यह अभियान वेनेजुएला की सत्ता की नींव हिला चुका था. अमेरिकी प्रशासन इसे अब तक का सबसे निर्णायक और सटीक ऑपरेशन बता रहा है.
महीनों पहले तैयार हुआ था ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन की योजना काफी पहले बना ली गई थी और इसका कई बार पूर्वाभ्यास किया गया. लक्ष्य साफ था, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही सुरक्षित ठिकाने से बाहर निकालना. ऑपरेशन शुरू होते ही इसे 30 मिनट से भी कम समय में अंजाम दे दिया गया और कुछ ही घंटों में मादुरो की सत्ता समाप्त हो गई.
मादुरो के आवास की बनाई गई हूबहू नकल
हमले से पहले अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों ने वेनेजुएला के तट पर अपनी मौजूदगी धीरे-धीरे बढ़ाई. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो की दिनचर्या, उनके ठहरने के ठिकाने, आदतों और यहां तक कि उनके पालतू जानवरों व कपड़ों तक पर नजर रखी गई.
डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, अभ्यास के लिए मादुरो के आवास की बिल्कुल वैसी ही प्रतिकृति बनाई गई थी. उन्होंने कहा, "उन्होंने वास्तव में एक ऐसा घर बनाया जो हूबहू वैसा ही था जैसा उन्होंने अभ्यास के दौरान देखा था, जिसमें हर जगह वही स्टील लगा हुआ था."
'किले' में घिरे थे मादुरो
ट्रम्प ने बताया कि कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के एक बड़े हिस्से की बिजली काट दी गई थी. उन्होंने कहा, "वह एक किले में था." ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने तैयारियों को लेकर कहा, "हम सोचते हैं, योजना बनाते हैं, प्रशिक्षण देते हैं, अभ्यास करते हैं, समीक्षा करते हैं, फिर से अभ्यास करते हैं… इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हमसे कोई गलती न हो."
150 से ज्यादा अमेरिकी विमान, रातभर चला ऑपरेशन
मीडिया के अनुसार, ट्रम्प ने पूर्वी समयानुसार रात 10:46 बजे इस मिशन को मंजूरी दी. इसके बाद ऑपरेशन रातभर चला. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने कई दिनों तक अनुकूल मौसम का इंतजार किया और बादल छंटने के बाद ही विमानों को उड़ान भरने का आदेश दिया.
जनरल डैन केन ने बताया कि हेलीकॉप्टर समुद्र के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे ताकि वे किसी की नजर में न आएं, जबकि ऊपर से अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षा दे रहे थे. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला की हवाई सुरक्षा निष्क्रिय होने के बाद 150 से अधिक अमेरिकी विमान उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हो गए.
सुरक्षित कमरे तक नहीं पहुंच पाए मादुरो
डेल्टा फोर्स के कमांडो उस सैन्य अड्डे पर पहुंचे जहां मादुरो मौजूद थे. टीम ने स्टील के दरवाजे तोड़ते हुए मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस तक पहुंच बना ली, इससे पहले कि वे किसी सुरक्षित कमरे में जा पाते.
ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, "वह एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था. दरवाजा बहुत मोटा और भारी था… वह दरवाजे तक तो पहुंच गया, लेकिन उसे बंद नहीं कर पाया."
उन्होंने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर प्रबलित स्टील काटने के लिए सेना के पास "विशाल ब्लोटॉर्च" मौजूद थी.
राजधानी में विस्फोट, संयुक्त अभियान का दावा
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे "बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य और कानून प्रवर्तन अभियान” करार दिया. इस दौरान राजधानी काराकास में कम से कम सात विस्फोटों की आवाज सुनी गई. ट्रम्प ने कहा, "हमारे पास मौजूद एक विशेष विशेषज्ञता के कारण काराकास की बत्तियाँ काफी हद तक बंद कर दी गईं.''
गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ
मादुरो और उनकी पत्नी को हेलीकॉप्टर से एक अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया, जहां से उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर रवाना किया गया. ट्रम्प प्रशासन न्यूयॉर्क में उन पर मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहा है.
फ्लोरिडा में अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि कुछ अमेरिकी कर्मी घायल हुए हैं, लेकिन किसी के शहीद होने की जानकारी नहीं है.
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय आलोचना
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने दावा किया कि इस हमले में आम नागरिक और सैन्यकर्मी मारे गए हैं. टीवी पर दिए अपने संबोधन में उन्होंने मादुरो की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि वही देश के वैध नेता हैं. साथ ही उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावना भी जताई.
एपी के अनुसार, उन्होंने कहा, "हम सम्मानजनक संबंध रखने के इच्छुक हैं."
इस कार्रवाई की अमेरिका और विदेशों में आलोचना भी शुरू हो गई है. न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने इसे "युद्ध का कृत्य" बताते हुए कहा, "किसी संप्रभु राष्ट्र पर एकतरफा हमला करना युद्ध का कृत्य है और संघीय और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है." हालांकि व्हाइट हाउस इसे एक निर्णायक और सावधानीपूर्वक संचालित मिशन बता रहा है.


