अमेरिका में कुदरत का प्रकोप: आइसक्वेक और तूफान से 30 मौतें, 2100 KM तक बर्फ ही बर्फ; जनजीवन ठप

अमेरिका के बड़े हिस्से में भीषण ठंड, आइसक्वेक और बर्फीले तूफानों ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 30 लोगों की मौत, लाखों घरों की बिजली गुल और हजारों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं.

Shraddha Mishra

अमेरिका इन दिनों भीषण ठंड और खतरनाक मौसम की मार झेल रहा है. पूर्वोत्तर हिस्सों में आए आइसक्वेक यानी हिम भूकंप और तेज बर्फीले तूफानों ने भारी तबाही मचाई है. हालात इतने गंभीर हो गए कि सोमवार तक अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई. कड़ाके की ठंड, बर्फबारी और जमाने वाली बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह रोक दिया है, जबकि लाखों लोग बिजली के बिना ठंड में दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं.

मौसम की इस मार का असर अमेरिका के एक बहुत बड़े हिस्से में देखने को मिला. अर्कांसस से लेकर न्यू इंग्लैंड तक करीब 2,100 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में एक फुट से ज्यादा ऊंचाई तक बर्फ जम गई. इसके चलते सड़कों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, हजारों वाहन फंस गए और कई राज्यों में स्कूलों को बंद करना पड़ा. बर्फ की मोटी परत के कारण आपात सेवाओं को भी लोगों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

तापमान बेहद नीचे, हालात और खराब

राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, पिट्सबर्ग के उत्तरी इलाकों में करीब 20 इंच तक बर्फ गिरी. वहीं तापमान शून्य से 31 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला गया, जिससे हालात और भी खतरनाक हो गए. अधिकारियों ने बताया कि ठंड और बर्फ से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हैं.

इस बर्फीले तूफान का सबसे बड़ा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है. पावरआउटेज डॉट कॉम के मुताबिक, सोमवार दोपहर तक अमेरिका में 7 लाख 50 हजार से ज्यादा जगहों पर बिजली गुल रही. ठंड के इस मौसम में बिजली न होने से लोगों को हीटर, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के बिना रहना पड़ा, जिससे उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ गईं.

मिसिसिपी में दशकों बाद सबसे भीषण बर्फीला तूफान

मिसिसिपी के कुछ हिस्से 1994 के बाद से अब तक के सबसे गंभीर बर्फीले तूफान का सामना कर रहे हैं. हालात इतने खराब हैं कि मिसिसिपी विश्वविद्यालय ने अपने ऑक्सफोर्ड परिसर में पूरे सप्ताह के लिए कक्षाएं रद्द कर दी हैं. कैंपस बर्फ की मोटी चादर में ढक गया है और सामान्य गतिविधियां ठप पड़ी हैं.

उड़ानों पर भी पड़ा बड़ा असर

खराब मौसम ने हवाई यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. फ्लाइटअवेयर डॉट कॉम के अनुसार, सोमवार को अमेरिका में 8,000 से ज्यादा उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या उनमें भारी देरी हुई. वहीं विमानन विश्लेषण कंपनी सिरीअम का कहना है कि रविवार को देश की करीब 45 प्रतिशत उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. कोरोना महामारी के बाद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें एक साथ रद्द हुई हैं.

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