बलूचिस्तान तनाव: बलूच लिबरेशन आर्मी ने 7 पाक सैनिकों को हिरासत में लेने का दावा, सात दिन का अल्टीमेटम

बलूचिस्तान से एक उग्रवादी संगठन ने दावा किया है कि उसने हालिया अभियान के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 17 कर्मियों को पकड़ लिया था. इनमें से 10 को रिहा करने और 7 को अब भी हिरासत में रखने की बात कही गई है, साथ ही सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम भी दिया गया है. इस दावे के बाद क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान से एक बड़ा दावा सामने आया है. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 17 कर्मियों को पकड़ लिया था, जिनमें से 10 को रिहा कर दिया गया है, जबकि 7 सैनिक अब भी उसकी हिरासत में हैं.

संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में चलाए गए अभियान के दौरान की गई. BLA का कहना है कि उसने पकड़े गए लोगों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच के बाद अलग-अलग निर्णय लिए.

10 लोगों को रिहा करने का दावा

BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि 10 व्यक्तियों को इसलिए छोड़ दिया गया क्योंकि उनकी पहचान बलूच या स्थानीय पुलिस और लेवीज बलों से जुड़ी पाई गई. संगठन के मुताबिक, यह निर्णय “जमीनी हालात, स्थानीय पहचान और बलूच जनता के हित” को ध्यान में रखते हुए लिया गया.

7 सैनिक अब भी हिरासत में

रिपोर्ट्स के अनुसार, शेष 7 लोग पाकिस्तानी सेना की नियमित इकाइयों से जुड़े बताए गए हैं और उन्हें संगठन की हिरासत में रखा गया है. BLA का दावा है कि इन सैनिकों को कथित बलूच राष्ट्रीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.

गंभीर आरोप और 'सुनवाई' का दावा

संगठन ने आरोप लगाया है कि हिरासत में रखे गए सैनिकों पर नागरिक आबादी के खिलाफ सैन्य अभियान, जबरन गुमशुदगी और बलूच लोगों के खिलाफ कथित नरसंहार जैसे आरोप हैं. BLA का कहना है कि आरोपियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, सबूत प्रस्तुत किए गए और बयान दर्ज करने के बाद निर्णय सुनाया गया.

7 दिन का अल्टीमेटम

BLA ने बयान में कहा है कि उसकी कमांड काउंसिल ने पाकिस्तान को 7 दिन का समय दिया है, ताकि औपचारिक कैदी अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू की जा सके. संगठन का दावा है कि यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय युद्ध संबंधी सिद्धांतों के तहत रखा गया है.

संगठन के मुताबिक, यदि तय समय के भीतर पाकिस्तान सरकार व्यावहारिक और आधिकारिक पहल करती है, तो इन 7 सैनिकों को बलूच कैदियों के बदले छोड़ा जा सकता है. BLA ने यह भी कहा कि पूर्व में भी ऐसे प्रस्ताव दिए गए थे, लेकिन पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

चेतावनी भी जारी

BLA ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो कथित अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा पर अमल किया जाएगा.

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