चुनाव से पहले बांग्लादेश ने भारत को किस बात का दिया न्यौता? जानिए वजह
बांग्लादेश ने भारत को अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक (इंटरनेशनल ऑब्जर्वर) के रूप में आमंत्रित किया है. हालांकि, भारत की ओर से अब तक इस निमंत्रण पर औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है.

बांग्लादेश में 13 फरवरी को होने वाले आम चुनावों पर भारत की कड़ी नजर बनी हुई है. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी के बीच यह चुनाव भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है. इसी कड़ी में बांग्लादेश ने भारत को अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक (इंटरनेशनल ऑब्जर्वर) के रूप में आमंत्रित किया है. हालांकि, भारत की ओर से अब तक इस निमंत्रण पर औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे उसकी भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने क्या जानकारी दी?
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जानकारी दी है कि 13वें संसदीय चुनाव और जुलाई नेशनल चार्टर से जुड़ी वोटिंग प्रक्रिया में विदेशी पर्यवेक्षकों की व्यापक मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है. ये दोनों अहम प्रक्रियाएं 12 फरवरी को आयोजित होंगी. इसी के तहत भारत समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए न्योता भेजा गया है.
अब तक 330 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने बांग्लादेश आने की पुष्टि कर दी है. अंतरिम सरकार के मुताबिक, यह संख्या 7 जनवरी 2024 को हुए विवादित आम चुनावों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है. कन्फर्म किए गए पर्यवेक्षकों में 6 अंतरराष्ट्रीय संगठन, 16 देश और 32 वैश्विक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं. इससे सरकार यह संदेश देना चाहती है कि चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए.
पर्यवेक्षक मिशन में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन, यूरोपीय संघ सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं शामिल होंगी. इसके अलावा एशियन नेटवर्क फॉर फ्री इलेक्शन्स (ANFREL) के 28 सदस्य, कॉमनवेल्थ सेक्रेटेरिएट के 25, इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट (IRI) के 7 और नेशनल डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूट (NDI) का 1 प्रतिनिधि भी चुनावी निगरानी करेंगे.
लामिया मुरशेद ने क्या कहा?
सीनियर सेक्रेटरी और एसडीजी कोऑर्डिनेटर लामिया मुरशेद ने कहा कि कई देशों ने अभी अपने प्रतिनिधिमंडल की अंतिम पुष्टि नहीं की है. ऐसे में आने वाले दिनों में पर्यवेक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है. बांग्लादेश ने नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, कुवैत, मोरक्को, नाइजीरिया, रोमानिया सहित कई अन्य देशों को भी आमंत्रण भेजा है.
चुनावी मैदान की बात करें तो लगभग 50 राजनीतिक दलों के करीब 2,000 उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी संसद की 300 सीटों के लिए मुकाबले में हैं. इसके साथ ही जुलाई नेशनल चार्टर के तहत कार्यकारी अधिकारों को सीमित करने से जुड़े प्रस्तावों पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा, जो इस चुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है.


