बंगालियों को परेशानी कर रही दिल्ली पुलिस, चुनाव आयोग से मुलाकात से पहले ममता का केंद्र पर बड़ा हमला
ममता बनर्जी ने दिल्ली में बंगा भवन जाकर एसआईआर से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती पर केंद्र पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को डराया जा रहा है. मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर आपत्तियां दर्ज कीं और प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की.

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में एक बार फिर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने पहुंचीं, लेकिन इससे पहले बंगा भवन जाकर एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और वहां की स्थिति पर गुस्सा जताया.
बंगा भवन पर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती
सोमवार को दिल्ली पहुंचने के बाद ममता बनर्जी सीधे बंगा भवन गईं, जहां पश्चिम बंगाल से आए कई परिवार ठहरे हुए हैं. इनमें ज्यादातर मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों के लोग हैं, जिनके रिश्तेदारों की मौत एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े तनाव के कारण होने का दावा किया जा रहा है. पार्टी के अनुसार, हैली रोड वाले बंगा भवन में करीब 30 परिवार और अन्य सुविधाओं में लगभग 100 परिवार ठहरे हैं. ममता ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस सुबह से ही भारी संख्या में तैनात है, जिसका मकसद लोगों को डराना और उनकी आवाजाही रोकना है.
आप यहां क्यों हैं?
कैमरों के सामने ममता पुलिसकर्मियों से भिड़ती दिखीं. उन्होंने कहा कि आप यहां क्यों हैं? हमारे लोगों को क्यों धमका रहे हैं? वे न्याय मांगने आए हैं. साधारण ग्रामीणों को परेशान करना बंद करें. मुख्यमंत्री ने पूछा कि अपॉइंटमेंट होने के बावजूद पीड़ित परिवारों को मीडिया से बात करने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही. उन्होंने कहा कि हम आधिकारिक अपॉइंटमेंट लेकर आए हैं. क्या पीड़ितों को बोलने का हक नहीं है?
लाल कालीन बनाम काला कालीन का तंज
ममता ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह बंगाल जाते हैं, तो उनका लाल कालीन बिछाकर स्वागत किया जाता है. लेकिन दिल्ली में बंगाल के लोगों के साथ काला कालीन बिछाया जा रहा है. उन्होंने अमित शाह से अपील की कि बल प्रयोग बंद करें और बंगाल के लोगों पर अत्याचार रोकें. टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि यह तैनाती सिर्फ निगरानी और भय का माहौल बनाने के लिए है. ममता ने दिल्ली पुलिस को आदेशों का पालन करने वाला बताया, लेकिन जोर दिया कि पीड़ित परिवार खुद मीडिया से बात करेंगे.
चुनाव आयोग से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले दिन बंगा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जहां एसआईआर से प्रभावित परिवार अपने अनुभव साझा करेंगे. टीएमसी का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, मनमानी और राजनीतिक रूप से प्रेरित है. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात में आपत्तियों की सूची सौंपी. ममता ने कहा कि अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के कारण सैकड़ों लोगों को गलत तरीके से मृत दिखाया गया है, जिससे उनके वोटिंग अधिकार छीने जा रहे हैं.
यह पूरा विवाद 2026 के विधानसभा चुनावों से जुड़ा है, जहां चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची का विशेष संशोधन कर रहा है. पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया विवादास्पद बनी हुई है, और टीएमसी इसे मतदाताओं को दबाने की साजिश बता रही है. ममता की यह यात्रा राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही है, जबकि केंद्र और चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ रहा है.


