अमेरिका में 11 सप्ताह बाद फिर संकट... बजट पर टकराव से रुका सरकारी काम, कई विभाग प्रभावित
कांग्रेस 2026 बजट समय पर पारित नहीं कर सकी, जिससे अमेरिकी सरकार आंशिक रूप से बंद हो गई. कुछ विभाग प्रभावित होंगे, हालांकि सांसदों को उम्मीद है कि अगले सप्ताह की शुरुआत में फंडिंग समझौता पारित हो सकता है.

वॉशिंगटन: अमेरिका में एक बार फिर सरकारी कामकाज पर ब्रेक लग गया है. आधी रात की तय समय सीमा तक कांग्रेस 2026 के बजट को मंजूरी नहीं दे सकी, जिसके चलते संघीय सरकार आंशिक रूप से बंद हो गई. हालांकि नेताओं का कहना है कि यह रुकावट ज्यादा लंबी नहीं चलेगी और अगले सप्ताह की शुरुआत में समाधान निकल सकता है. समय सीमा बीत जाने के बाद, सरकार के कई गैर-जरूरी कामकाज को रोकना पड़ा.
फंडिंग को लेकर बातचीत ऐसे समय अटक गई जब मिनियापोलिस में संघीय आव्रजन एजेंटों की कार्रवाई के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी ने कड़ा विरोध जताया. दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया. बताया जा रहा है कि इस मुद्दे ने गृह सुरक्षा विभाग के लिए नए बजट आवंटन पर चल रही चर्चा को प्रभावित किया.
क्या जल्दी खत्म होगा शटडाउन?
सांसदों ने संकेत दिए हैं कि यह बंद लंबे समय तक नहीं चलेगा. उम्मीद जताई जा रही है कि प्रतिनिधि सभा जल्द ही सीनेट द्वारा समर्थित वित्त पोषण समझौते को मंजूरी दे सकती है. एक अधिकारी के अनुसार, यदि सोमवार सुबह विधेयक पारित हो जाता है तो उसी दिन से सरकारी कामकाज सामान्य हो सकता है.
किन विभागों पर पड़ेगा असर?
इस बार शटडाउन का प्रभाव सीमित माना जा रहा है. कई विभागों को पहले ही 30 सितंबर तक के लिए पूरा सालाना बजट मिल चुका है. इनमें कृषि विभाग शामिल है, जिससे खाद्य सहायता कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे. राष्ट्रीय उद्यान, पूर्व सैनिकों की सेवाएं और न्याय विभाग का काम भी जारी रहेगा.
लेकिन वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, गृह सुरक्षा मंत्रालय, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग तथा श्रम विभाग जैसे बड़े विभागों को औपचारिक रूप से शटडाउन प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी. इसका मतलब है कि जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन गैर-जरूरी काम अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं.
पहले भी हो चुका है ऐसा
यह पिछले एक साल में दूसरी बार है जब अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप हुआ है. इससे पहले 43 दिनों तक चला गतिरोध अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन माना गया था. इस गतिरोध की समाप्ति के ठीक 11 सप्ताह बाद ऐसा दोबारा हुआ है. मौजूदा स्थिति उसी के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आई है.


