यूरोप के होटल, दुबई के विला: खामेनेई के बेटे से जुड़े आलीशान साम्राज्य का खुलासा
ब्लूमबर्ग की एक साल लंबी जांच में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई से जुड़ा एक गुप्त नेटवर्क यूरोप के लग्जरी होटलों और दुबई के आलीशान विला तक फैला हुआ है.

नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई से जुड़े कथित विदेशी निवेशों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. ब्लूमबर्ग की एक साल तक चली जांच में दावा किया गया है कि यूरोप के महंगे होटल, लंदन की 'बिलियनेयर्स रो' पर स्थित आलीशान हवेलियां और दुबई का एक विला, एक ऐसे वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो सीधे तौर पर मोजतबा खामेनेई से जुड़ा हुआ है.
हालांकि इन संपत्तियों का स्वामित्व आधिकारिक रिकॉर्ड में मोजतबा खामेनेई के नाम पर दर्ज नहीं है, लेकिन पश्चिमी खुफिया आकलन और मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीते एक दशक से अधिक समय से वह इन लेन-देन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
लंदन से दुबई तक फैला रियल एस्टेट नेटवर्क
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी लंदन की बिशप्स एवेन्यू जिसे 'बिलियनेयर्स रो' के नाम से जाना जाता हैपर स्थित कई महंगी संपत्तियां शेल कंपनियों के जरिए खरीदी गई हैं. यह इलाका निजी सुरक्षा से घिरी, लगभग खाली पड़ी हवेलियों के लिए मशहूर है.
इन संपत्तियों को तेहरान से दुबई और फ्रैंकफर्ट तक फैले एक व्यापक वित्तीय नेटवर्क से जोड़ा गया है.
सीधे नाम नहीं, लेकिन भूमिका अहम
ब्लूमबर्ग की जांच में कहा गया है कि किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में मोजतबा खामेनेई को इन संपत्तियों का मालिक नहीं बताया गया है. इसके बावजूद, खुफिया आकलनों और जानकार लोगों का दावा है कि वह इन सौदों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं.
संभावित उत्तराधिकारी और प्रतिबंधों के बावजूद निवेश
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई, अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं और उन्हें उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है.रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद, उनके कथित विदेशी निवेशों में 100 मिलियन पाउंड से अधिक की ब्रिटिश संपत्तियां, दुबई का एक विला और पूरे यूरोप में फैले लग्जरी होटल शामिल हैं.
ईरानी तेल बिक्री से जुड़ा धन प्रवाह
इन संपत्तियों की खरीद के लिए धनराशि ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और संयुक्त अरब अमीरात के बैंकों के जरिए भेजी गई थी. दस्तावेजों के अनुसार, यह धन मुख्य रूप से ईरानी तेल बिक्री से प्राप्त हुआ था.
ब्लूमबर्ग द्वारा समीक्षा किए गए रिकॉर्ड बताते हैं कि अकेले लंदन की एक संपत्ति 2014 में 33.7 मिलियन यूरो में खरीदी गई थी.
अली अंसारी की भूमिका पर सवाल
कई संपत्तियां अली अंसारी से जुड़ी बताई गई हैं, जो एक ईरानी निर्माण व्यवसायी हैं और जिन पर पिछले साल ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए थे.ब्रिटिश अधिकारियों ने 57 वर्षीय अंसारी को "भ्रष्ट ईरानी बैंकर और व्यवसायी" बताया है और उन पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को वित्तीय सहायता देने का आरोप लगाया है. हालांकि, अंसारी पर यूरोपीय संघ या अमेरिका में कोई प्रतिबंध नहीं है.
विदेशी कंपनियों के जरिए धन का ट्रांसफर
रिपोर्ट में कहा गया है कि अंसारी ने संयुक्त अरब अमीरात, आइल ऑफ मैन और कैरेबियन में पंजीकृत कंपनियों के जरिए विदेशों में धन स्थानांतरित करने में अहम भूमिका निभाई. इन्हीं संस्थाओं का इस्तेमाल फ्रैंकफर्ट और मलोरका सहित यूरोप के कई हिस्सों में होटल और अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया.
अंसारी का इनकार
अली अंसारी ने अपने वकील के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि वह "इस बात से पूरी तरह इनकार करते हैं कि उनका मोजतबा खामेनेई के साथ कभी कोई वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध रहा है".
उन्होंने यह भी कहा कि वह ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को कानूनी रूप से चुनौती देंगे.
यूरोपीय संपत्तियों पर बढ़ती निगरानी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े लंदन के एक दर्जन से अधिक होटलों के अलावा जर्मनी और स्पेन में स्थित होटलों की भी पहचान की गई है. फ्रैंकफर्ट का एक होटल, जिसे बाद में हिल्टन के रूप में रीब्रांड किया गया, स्थानीय अधिकारियों की जांच के दायरे में आ चुका है.
मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े एक यूरोपीय अधिकारी ने ब्लूमबर्ग को बताया कि यदि अंसारी पर और प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो यूरोप में स्थित संपत्तियों की जबरन बिक्री की नौबत आ सकती है.
सादगी की छवि बनाम छिपी संपत्तियां
ईरान के भीतर सरकारी मीडिया लंबे समय से सर्वोच्च नेता और उनके परिवार को सादगी और क्रांतिकारी मूल्यों का प्रतीक बताता रहा है. उन्हें विलासिता और धन-दौलत से दूर, साधारण जीवन जीने वाला दिखाया जाता है.
हालांकि, परिवार द्वारा इन विदेशी संपत्तियों के व्यक्तिगत उपयोग का कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं है, लेकिन मोजतबा खामेनेई से जुड़ी कथित छिपी हुई संपत्तियों का आकार और गोपनीयता, सरकार द्वारा पेश की जा रही सादगी की छवि से मेल नहीं खाती.
'अघाज़ादेह' और जनता का गुस्सा
ये खुलासे ऐसे समय सामने आए हैं, जब ईरान में भ्रष्टाचार और आर्थिक कठिनाइयों को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, सत्ता से जुड़े कुलीन परिवारों को अक्सर 'अघाज़ादेह' कहा जाता है.यह शब्द उन अधिकारियों के बच्चों के लिए इस्तेमाल होता है, जिन पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर धन जुटाने के आरोप लगते रहे हैं.


