जापान में सुबह-सुबह डोल उठी धरती, 6.2 तीव्रता का जोरदार भूकंप, लोग घरों से बाहर निकले
जापान में फिर एक बार धरती ने झटका दिया है. आज सुबह के वक्त आए इस भूकंप के झटकों ने लोगों को एक बार फिर चौंका दिया, लेकिन अच्छी खबर ये है कि मौसम विभाग ने सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया है.

नई दिल्ली: जापान के पश्चिमी चुगोकू इलाके में मंगलवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. शुरुआती भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. भूकंप के बाद लोगों में डर देखा गया, हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, इस भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए. एजेंसी ने बताया कि पहले झटके का केंद्र पूर्वी शिमाने प्रांत में था. राहत की बात यह रही कि इस भूकंप के बाद सुनामी को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
शिमाने प्रांत में था भूकंप का केंद्र
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को आए इस भूकंप का केंद्र पूर्वी शिमाने प्रांत में स्थित था. भूकंप के तुरंत बाद इलाके में लगातार हल्के और मध्यम झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत बनी रही.
न्यूक्लियर पावर स्टेशन के पास लगे झटके
चुगोकू क्षेत्र में इलेक्ट्रिक पावर कंपनी द्वारा संचालित शिमाने न्यूक्लियर पावर स्टेशन भूकंप के केंद्र से करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जापान की न्यूक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि भूकंप के कारण पावर प्लांट में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई है. यह पावर स्टेशन 2011 की भीषण आपदा के बाद बंद कर दिया गया था, जिसे हाल ही में दोबारा शुरू किया गया है.
यूनिट नंबर 2 की जांच जारी
जापानी प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी शिमाने न्यूक्लियर पावर स्टेशन की यूनिट नंबर 2 पर किसी भी संभावित असर की जांच कर रही है. यह यूनिट मार्च 2011 की आपदाओं के बाद बंद कर दी गई थी और दिसंबर 2024 में इसे फिर से शुरू किया गया है.
10 मिनट बाद आया दूसरा झटका
जापानी अधिकारियों ने बताया कि पहले भूकंप के करीब 10 मिनट बाद 5.1 तीव्रता का दूसरा झटका भी महसूस किया गया. इसके अलावा भी कई छोटे आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिससे लोग लंबे समय तक सतर्क बने रहे.
एक महीने पहले का भूकंप
अधिकारियों के मुताबिक, इससे करीब एक महीने पहले भी जापान में एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसने आम जनजीवन को प्रभावित किया था. उस भूकंप के कारण 90 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था, हालांकि तब भी किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई थी.
भूकंप-निरोधी ढांचे पर जापान का जोर
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक माना जाता है. यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस होते हैं, इसी वजह से देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को भूकंप-निरोधी तकनीक से तैयार किया जाता है. मकानों और इमारतों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि गिरने की स्थिति में भी जानमाल का नुकसान कम से कम हो.
हालांकि भूकंप लोगों की जिंदगी को प्रभावित जरूर करता है, लेकिन राहत की बात यह है कि इस बार सुनामी को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.


