काबुल में हुआ आत्मघाती बम धमाका, तालिबान के कब्जे वाले क्षेत्र में मची अफरातफरी, कई मरे और घायल

2 सितंबर 2024 को काबुल में एक आत्मघाती बम धमाका हुआ, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए और कई घायल हो गए. धमाका तालिबान द्वारा नियंत्रित इलाके में सुरक्षा चेकपॉइंट पर हुआ. घटना की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है लेकिन आमतौर पर इसमें तालिबान के खिलाफ चरमपंथी समूह शामिल होते हैं. तालिबान ने हमले की निंदा की है और इसकी जांच शुरू की है. इस घटना ने अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति को फिर से उजागर किया है और देश में असुरक्षा की भावना को बढ़ावा दिया है.

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Edited By: JBT Desk

Afganistan: 2 सितंबर 2024 को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक आत्मघाती बम धमाका हुआ है. इस घटना ने पुरे शहर को हिला कर रख दिया और कई लोगों की जान ले ली. बता दे कि धमाका काबुल के एक प्रमुख इलाके में हुआ है, जो तालिबान द्वारा नियंत्रित है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आत्मघाती हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं.

धमाके में कई लोग हुए घायल

दरअसल धमाका उस समय हुआ जब एक आत्मघाती हमलावर ने अपनी विस्फोटक बेल्ट को सक्रिय किया. धमाके की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी समूह ने नहीं ली है, लेकिन इस तरह की घटनाओं में अक्सर तालिबान के खिलाफ काम करने वाले चरमपंथी समूह शामिल होते हैं. स्थानीय सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और घटना स्थल को घेर लिया है. घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है.

लगातार हो रहे हमले

इस हमले ने अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को एक बार फिर से उजागर कर दिया है. तालिबान के शासन के तहत काबुल में सुरक्षा बलों और नागरिकों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जो देश में शांति और स्थिरता की दिशा में एक बड़ी बाधा साबित हो रहे हैं.

तालिबान ने की घटना की निंदा

इस घटना के बाद कुछ लोगों से पूछ-ताछ की गयी जिसमें वहां के अधिकारियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चेकपॉइंट पर हमला किया, जो उस क्षेत्र में एक संवेदनशील स्थान था. वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने इस हमले की निंदा की है और इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम गठित किया है. हालांकि इस प्रकार की घटनाओं से आम लोगों के बीच भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गयी है, जो देश की समग्र स्थिति को प्रभावित करती है.

यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और देश को शांति और सुरक्षा की दिशा में कई कदम उठाने की आवश्यकता है.

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