एक साल बाद मणिपुर में BJP की वापसी! खेमचंद सिंह होंगे नए मुख्यमंत्री, दो डिप्टी सीएम के साथ बनेगी सरकार
मणिपुर में करीब एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद बीजेपी नई सरकार बनाने जा रही है. युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है. मैतेई-कुकी संतुलन के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी है.

मणिपुर: भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर में करीब एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद नई सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है. मणिपुर में उनके नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया जाएगा. इसके साथ ही राज्य में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर तैयारियां की जा रही है.
फिलहाल, डिप्टी सीएम के तौर पर नेमचा किपगेन का नाम सामने आया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि राज्य में अलग-अलग समुदायों के बीच संतुलन कायम किया जा सके. मणिपुर में पिछले साल ही मैतेई और कुकी समुदाय के बीच गंभीर हिंसा भड़क गई थी. हालात बिगड़ने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी. जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा.
समुदायों के बीच संतुलन की कोशिश
बता दें कि भाजपा राज्य में नई सरकार के जरिए भरोसा बहाल करने की कोशिश कर रही है. बता दें कि युमनाम खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं, वहीं नेमचा किपगेन कुकी समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं. पार्टी के इस कदम को दोनों समुदायों के बीच विश्वास बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है.
वहीं, एक और उपमुख्यमंत्री पद नगा समुदाय को दिए जाने को लेकर भी चर्चा तेज है. माना जा रहा है कि ये पद नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के किसी नेता को दिया जा सकता है. एनपीएफ राज्य में नगा समुदाय के लोगों का प्रतिनिधित्व करती है और विधानसभा में इसके पांच विधायक हैं.
भाजपा विधायकों की बैठक
भाजपा विधायकों की नई सरकार के गठन को लेकर मंगलवार को बैठक हुई. इस बैठक में पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे. बैठक में खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया.
13 फरवरी 2025 से लागू है राष्ट्रपति शासन
बता दें कि मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है. राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित किया गया था. फिलहाल, मणिपुर में भाजपा के 37 विधायक हैं और पार्टी अपने बहुमत के आधार पर दोवारा सरकार बनाने की स्थिति में है.
विधानसभा की वर्तमान स्थिति
2022 के चुनाव में भाजपा ने 32 सीटें जीती थीं. जेडीयू ने चुनाव में छह सीटें जीती थी, जिसमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे, जिससे उसकी संख्या बढ़ गई. इसके अलावा विधानसभा में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह विधायक, पीपुल्स फ्रंट के पांच नागा विधायक, पांच कांग्रेस के, दो कुकी पीपुल्स अलायंस के, एक जेडीयू का और तीन निर्दलीय विधायक हैं. एक मौजूदा विधायक का निधन होने के बाद फिलहाल 60 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट खाली है.
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?
युमनाम खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम जिले की सिंगजामेई विधानसभा सीट से 2017 और 2022 में भाजपा विधायक के रूप में निर्वाचित हुए हैं. 2017 से 2022 तक खेमचंद ने मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में कार्य किया. बाद में 2022 से 2025 के बीच उन्होंने बीरेन सिंह की कैबिनेट में नगर प्रशासन, आवास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे प्रमुख मंत्रालयों को संभाला.


