इमरान खान जिंदा हैं, लेकिन...आदियाल जेल में बंद अपने भाई से मिलने के बाद बोली पूर्व PM की बहन
इमरान खान से जेल में मिलने के बाद उनकी बहन ने मीडिया को बताया कि वह जीवित हैं लेकिन बेहद क्रोधित हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और किसी को भी उनसे या उनके संपर्क में आने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

नई दिल्ली : रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अफवाहों और विरोध प्रदर्शनों के बीच स्थिति अब कुछ हद तक स्थिर हुई है. उनकी बहन उज़्मा को आखिरकार उनसे मिलने की अनुमति मिल गई. मुलाकात के बाद उज़्मा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि इमरान खान स्वस्थ हैं, फिट हैं और जीवित हैं. उन्होंने कहा कि वे ठीक हैं लेकिन अत्यधिक क्रोधित हैं, क्योंकि उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है और किसी से भी संवाद करने की अनुमति नहीं दी जा रही.
इमरान खान के समर्थकों का विरोध प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर मौत की अफवाहें
सोशल मीडिया पर इमरान खान की मृत्यु को लेकर अपुष्ट दावे तेजी से फैल गए. अफवाहों के अनुसार, बलूचिस्तान मंत्रालय ऑफ फॉरेन अफेयर्स ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आर्मी चीफ असिम मुनिर ने अदियाला जेल में इमरान खान की हत्या की साजिश रची थी. इन दावों ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया और समर्थकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया.
बहनों का कानूनी कदम और याचिका
इमरान खान की दूसरी बहन, अलीमा खान ने अदियाला जेल अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अदालत में अवमानना की याचिका दायर की. उन्होंने याचिका में मार्च 24 के आदेश का हवाला दिया, जिसमें साप्ताहिक दो बार खान से मिलने की अनुमति दी गई थी. अलीमा ने अदालत से आग्रह किया कि जेल अधिकारियों द्वारा आदेशों का पालन न किए जाने पर कार्रवाई की जाए. याचिका में कहा गया कि जेल प्रशासन ने मंगलवार और गुरुवार को निर्धारित मुलाकातों की अनुमति नहीं दी, जिससे उनके भाई की भलाई और कानूनी अधिकारों को खतरा पहुंचा.
16 घंटे लंबे बैठाव में हिस्सा लिया
अलीमा और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने गुरुवार को शुरू हुए 16 घंटे लंबे बैठाव में हिस्सा लिया, जो शुक्रवार की सुबह समाप्त हुआ. इसका कारण यह था कि उन्हें इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. इस लंबी लड़ाई और न्यायिक कदमों से यह स्पष्ट होता है कि खान की सुरक्षा, कानूनी अधिकार और जेल में मानवीय व्यवहार को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है.
इमरान खान की जेल में स्थिति और उनकी मुलाकात की प्रक्रिया पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव का प्रतीक बन गई है. बहनों की सक्रियता, समर्थकों का विरोध और अदालत में दायर याचिकाएं यह दर्शाती हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को लेकर व्यापक राजनीतिक और कानूनी संघर्ष जारी रहेगा.


