ट्रंप के जाल में फंसे आसिम मुनीर , गाजा में इजराइल का साथ देने के लिए अमेरिका बना रहा दबाव 

 पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दुनिया की जटिल राजनीतिक परिस्थितियों के बीच एक बेहद संवेदनशील कदम की तैयारी कर रहे हैं. अगले हफ्ते वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात करने के लिए वाशिंगटन जा सकते हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दुनिया की जटिल राजनीतिक परिस्थितियों के बीच एक बेहद संवेदनशील कदम की तैयारी कर रहे हैं. अगले हफ्ते वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात करने के लिए वाशिंगटन जा सकते हैं, जहां मुख्य रूप से गाजा स्थिरीकरण बल पर चर्चा होने की संभावना है. 

अमेरिका इस समय पाकिस्तान पर जोर दे रहा है कि वह गाजा के लिए प्रस्तावित स्थिरीकरण बल में सैनिक योगदान दे. यह बल ट्रंप की 20-बिंदु योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद गाजा पट्टी में हिंसा के बाद पुनर्निर्माण, सुरक्षा और चरमपंथी समूहों को कमजोर करना है. 

लेकिन इस प्रस्ताव का आवेदन पाकिस्तान के लिए आसान नहीं है. कई विशेषज्ञों और विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों को इस मिशन में भेजना देश में बड़े पैमाने पर विरोध और सामाजिक अशांति को जन्म दे सकता है क्योंकि वहां की जनता में फिलिस्तीन के प्रति समर्थन और अमेरिका के कदमों के खिलाफ गहरी नाराजगी मौजूद है. 

ट्रंप का दबाव और रणनीतिक महत्व

पाकिस्तान और अमेरिका के बीच लंबे समय से सेना और कूटनीति में विश्वास की कमी रही है. हालाँकि, मुनीर ने ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत किया है. जून में ही ट्रंप ने मुनीर को व्हाइट हाउस में अकेले आमंत्रित किया था, जो पाकिस्तान के सेना प्रमुख के लिए एक दुर्लभ सम्मान था. इस तरह की बढ़ती निकटता ट्रंप की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता और संस्थागत सामर्थ्य का लाभ उठाना चाहते हैं. 

विश्लेषकों का मानना है कि अगर पाकिस्तान इस मिशन में शामिल होने से इनकार करता है, तो यह ट्रंप को निराश कर सकता है और अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है. फिर भी पाकिस्तान यह सोच रहा है कि अमेरिकी निवेश और सुरक्षा सहायता हासिल करना उसके लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है. 

पाकिस्तानी जनता और आंतरिक राजनीति

पाकिस्तान के भीतर इस्लामिस्ट समूहों और राजनीतिक दलों ने पहले ही इस प्रस्ताव के खिलाफ अपनी चिंता जताई है. ऐसा माना जाता है कि अगर पाकिस्तानी सैनिकों को गाजा में तैनात किया जाता है, तो यह भारी विरोध और सम्भावित हिंसा को जन्म दे सकता है. 

पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार पहले ही कह चुके हैं कि शांति मिशन में सैनिक भेजना संभव है, लेकिन हमास को भंग करना या उसे निष्क्रिय करना पाकिस्तान का काम नहीं है. 

क्या है गाजा स्थिरीकरण बल?

गाजा स्थिरीकरण बल एक अंतरराष्ट्रीय कदम है जिसे ट्रंप प्रशासन ने प्रस्तावित किया है. इसका उद्देश्य गाजा पट्टी में दो वर्षों से चले युद्ध और तबाही के बाद सुरक्षा, पुनर्निर्माण और सामाजिक व्यवस्था को बहाल करना है. इसमें मुस्लिम देश भी शामिल होंगे, लेकिन कई देशों की उत्सुकता और राय विभक्त है क्योंकि इससे उन्हें सीधे स्थानीय संघर्ष में खींचा जा सकता है. 

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