Japan earthquake : भूकंप के तेज झटकों से हिली जापान की धरती, 7.6 रही तीव्रता...सुनामी का अलर्ट जारी

जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर 7.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद होक्काइडो, आओमोरी और इवाते में तीन मीटर तक ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की गई. भूकंप का केंद्र समुद्र में 80 किलोमीटर दूर और 50 किलोमीटर गहराई पर था.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : जापान के उत्तर-पूर्वी समुद्री क्षेत्र में सोमवार देर रात आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों को हिला दिया. राष्ट्रीय मौसम विभाग के अनुसार, यह झटका इतना प्रबल था कि इमारतों में कम्पन लंबे समय तक महसूस किया गया और प्रशासन को तुरंत कई क्षेत्रों में आपात चेतावनी जारी करनी पड़ी.

7.6 तीव्रता का भूकंप, रात 11:15 बजे धरती हिली

जापान मौसम विभाग (JMA) ने पुष्टि की कि भूकंप की तीव्रता 7.6 रही. रात 11:15 बजे स्थानीय समय पर आए इस भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रांत के तट से लगभग 80 किलोमीटर समुद्र में स्थित था. भूकंप की गहराई लगभग 50 किलोमीटर मापी गई, जिससे झटका और अधिक खतरनाक हो गया. शुरू में इसे 7.2 दर्ज किया गया था, लेकिन वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आधिकारिक रूप से इसे 7.6 कर दिया गया.

होक्काइडो, आओमोरी और इवाते में सुनामी की बड़ी चेतावनी
तेज झटकों के बाद जापान के उत्तरी क्षेत्रों होक्काइडो, आओमोरी और इवाते को तुरंत सुनामी चेतावनी जारी कर दी गई. मौसम एजेंसी के अनुसार, कुछ तटीय इलाकों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है. तटीय निवासियों को ऊंचे इलाकों में शरण लेने और समुद्र किनारे से दूर रहने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन ने बचाव दलों और आपात टीमें भी सक्रिय कर दी हैं ताकि किसी संभावित खतरे से निपटा जा सके.

फिलीपींस ने भी महसूस किए झटके
फिलीपींस की भूकंपीय संस्था Phivolcs ने भी इस भूकंप की तीव्रता 7.6 दर्ज की, जिसे उन्होंने रात 10:15 बजे (स्थानीय समय) महसूस होने की जानकारी दी. भूकंप की गहराई यहां भी 51 किलोमीटर बताई गई. हालांकि संस्था ने स्पष्ट किया कि फिलीपींस में इस भूकंप से किसी प्रकार का सुनामी खतरा नहीं है. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण संस्था USGS ने भी इस भूकंप को 7.6 तीव्रता वाला बताया है, जिससे इसकी गंभीरता की पुष्टि होती है.

समुद्री क्षेत्रों में निगरानी जारी, प्रशासन अलर्ट मोड पर
जापान में सुनामी का खतरा अभी भी बना हुआ है और मौसम विभाग लगातार समुद्री लहरों पर निगरानी रख रहा है. तटीय इलाकों में चेतावनी सायरन बजाए जा रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप की गहराई और स्थान को देखते हुए आफ्टरशॉक्स लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं.

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