दुबई में मनाया नया साल, 10 दिन पहले की भारत की यात्रा...अमेरिका में सड़क हादसे में भारतीय मूल के दंपति की मौत
अमेरिका में सड़क हादसे में पलकोल्लू के तेलुगु दंपति कृष्णा किशोर और आशा की मौत हो गई, जबकि उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं. भारत यात्रा से लौटे परिवार की इस त्रासदी से पूरे समुदाय में शोक है.

नई दिल्लीः अमेरिका में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने आंध्र प्रदेश के पलकोल्लू शहर को गहरे शोक में डुबो दिया है. इस हादसे में तेलुगु दंपति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो छोटे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. यह घटना इसलिए और भी ज्यादा हृदयविदारक बन गई क्योंकि पूरा परिवार भारत से घूमकर लौटे अभी महज दस दिन ही हुए थे.
अमेरिका में दर्दनाक हादसा
पलकोल्लू के मूल निवासी और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर कृष्णा किशोर (45) और उनकी पत्नी आशा (40) अमेरिका के वाशिंगटन राज्य में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए. बताया जा रहा है कि जिस वाहन में वे यात्रा कर रहे थे, वह अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया. टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, लेकिन दंपति को बचाया नहीं जा सका.
बच्चे गंभीर रूप से घायल
दुर्घटना के समय कृष्णा किशोर और आशा अपने दो बच्चों एक बेटे और एक बेटी के साथ सफर कर रहे थे. माता-पिता की मौत के बाद दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए. उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें अभी भी गहन चिकित्सा देखभाल की जरूरत है.
भारत यात्रा के बाद लौटा था परिवार
इस हादसे ने इसलिए भी सभी को झकझोर कर रख दिया है क्योंकि यह परिवार हाल ही में भारत की यात्रा से लौटा था. करीब दस दिन पहले ही कृष्णा किशोर अपने परिवार के साथ आंध्र प्रदेश के पलकोल्लू पहुंचे थे, जहां उन्होंने रिश्तेदारों और मित्रों के साथ समय बिताया. लंबे समय बाद परिवार का एक साथ आना सभी के लिए खुशी का मौका था.
दुबई में मनाया था नया साल
भारत यात्रा के बाद अमेरिका लौटते समय परिवार ने दुबई में कुछ समय के लिए ठहराव किया था. यहीं पर उन्होंने मिलकर नए साल का जश्न मनाया. सोशल मीडिया और परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, इस दौरान वे काफी खुश नजर आ रहे थे और भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रहे थे. किसी ने भी नहीं सोचा था कि कुछ ही दिनों में यह खुशी मातम में बदल जाएगी.
पलकोल्लू में शोक की लहर
कृष्णा किशोर और आशा की मौत की खबर जैसे ही पलकोल्लू पहुंची, पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई. दोस्त, रिश्तेदार और पड़ोसी सदमे में हैं. लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि जिस परिवार को उन्होंने हाल ही में विदा किया था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा. एक करीबी पारिवारिक मित्र ने कहा, “कुछ दिन पहले ही वे यहां आए थे, सबके साथ हंसते-बोलते मिले. अब यह खबर सुनकर दिल टूट गया है.”
तेलुगु संगठनों की मदद
अमेरिका में तेलुगु समुदाय और तेलुगु एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (TANA) पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं. बताया जा रहा है कि संगठन बच्चों की चिकित्सा सहायता, कानूनी औपचारिकताओं और दंपति के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए परिवार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
परिवार की सबसे बड़ी चिंता बच्चे
भारत में रह रहे विस्तारित परिवार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता दोनों बच्चों की हालत को लेकर है. परिजन अमेरिकी अधिकारियों और अस्पताल से लगातार संपर्क में हैं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी हर नई जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गहरी और अपूरणीय क्षति बन गया है.


