अबकी बार बर्बादी तय! ईरान का इजरायल-अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा- अगला वार और भी घातक होगा
पश्चिम एशिया एक बार फिर युद्ध की आहट से कांप उठा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को तीखी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि यदि ईरान पर दोबारा हमला हुआ, तो जवाब पहले से कहीं ज्यादा घातक और विनाशकारी होगा.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को एक बार फिर सख्त लहजे में चेतावनी दी है. उन्होंने कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि वह तो सिर्फ शुरुआत थी, अगली बार हमला कहीं ज्यादा घातक और विनाशकारी होगा.
बुधवार को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि ईरान, अमेरिका और उसके सहयोगी जायोनी शासन (इजरायल) के खिलाफ पूरी तरह तैयार है. उनका यह बयान उस वक्त आया है जब परमाणु समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव एक बार फिर तेज हो रहा है और पश्चिमी देश तेहरान पर नए प्रतिबंधों की संभावनाएं तलाश रहे हैं.
खामेनेई की सख्त चेतावनी
खामेनेई ने अपने बयान में अमेरिकी एयरबेस अल-उदीद पर किए गए मिसाइल हमले का जिक्र करते हुए कहा, "यह सब जानते हैं कि हमारा देश अमेरिका और उसके गुलाम ज़ायोनी शासन के सामने डटकर खड़ा है और सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह बहुत प्रशंसनीय है." उन्होंने आगे जोड़ा, "अगर फिर से हम पर हमला हुआ, तो इसका जवाब पहले से कहीं अधिक घातक और बड़ा होगा."
परमाणु वार्ता और पश्चिमी दबाव
ईरान के इस तीखे बयान की टाइमिंग भी अहम है. जब एक ओर पश्चिमी देश ईरान को दोबारा परमाणु वार्ता की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं तेहरान अपनी कड़ी और आक्रामक रणनीति से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा. यह स्पष्ट संकेत है कि ईरान अब दबाव की राजनीति में विश्वास नहीं करता.
मिसाइल और ड्रोन क्षमता अब भी मजबूत
भले ही इजरायल ने फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर हमले का दावा किया हो, लेकिन अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं में कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है. फाउंडेशन फॉर डिफेन्स ऑफ डेमोक्रेसीज (FDD) के वरिष्ठ विश्लेषक बिल रोजियो के मुताबिक, ईरान के पास अब भी लगभग 1,500 मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 50% लॉन्च सिस्टम सुरक्षित हैं." इससे साफ है कि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता अब भी पूरी तरह बरकरार है.
बात करने की कोई जल्दी नहीं
वहीं दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मसले पर संयम बरतते हुए कहा है कि बातचीत का विकल्प खुला है, लेकिन उन्होंने जल्दबाजी से इनकार किया. "मैं बातचीत के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे कोई जल्दी नहीं है.


