ईरान में सत्ता परिवर्तन की खुली मांग, ट्रंप बोले खामेनेई को अब पद छोड़ देना चाहिए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को खुलकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दशकों पुराने शासन को खत्म करने की अपील की. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में लंबे समय से चल रही अशांति और विरोध प्रदर्शनों को लेकर दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ और खुले तौर पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दशकों से चले आ रहे शासन को खत्म करने की अपील. जिसके बाद से दोनों देशो के बीच तनाव और जुबानी जंग और तेज हो गई है.

दरअसल खेमनाइ ने देश में चल रहे हालिया हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया था. इसी के जवाब में ट्रंप ने खामेनेई पर हमला बोलते हुए कहा की ईरान को अब नए नेतृत्व की जरुरत है। 

ईरान को अब नए नेतृत्व की जरुरत

ट्रंप ने पॉलिटिको को दिए बयान में साफ शब्दों में कहा, "ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है,". उन्होंने यह प्रतिक्रिया खामेनेई के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से किए गए कई शत्रुतापूर्ण पोस्ट्स के बाद दी, जिनमें ईरान में भड़की हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को दोषी ठहराया गया था.

ट्रंप की ये टिप्पणियां शासन परिवर्तन को लेकर अब तक की उनकी सबसे स्पष्ट अपील मानी जा रही हैं. हालांकि, बीते कुछ हफ्तों की भारी अशांति के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन अब काफी हद तक शांत हो चुके हैं.

विरोध प्रदर्शनों में हजारों मौतों का दावा

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, पिछले तीन हफ्तों में हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. ईरान में हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है.

खामेनेई का पलटवार: अमेरिका और इज़राइल पर आरोप

खामेनेई ने अपने पोस्ट्स में ट्रंप को सीधे तौर पर रक्तपात और अस्थिरता का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने लिखा, "ईरानी राष्ट्र पर हुए हमलों, नुकसान और बदनामी के लिए हम अमेरिकी राष्ट्रपति को दोषी पाते हैं."
एक अन्य संदेश में उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह हिंसक समूहों को ईरानी जनता का प्रतिनिधि बताकर पेश कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ''भयानक बदनामी" करार दिया.

खामेनेई ने अमेरिका और इज़राइल से जुड़े समूहों पर अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन तत्वों ने आगजनी की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और जानबूझकर अराजकता फैलाई. उन्होंने इन कृत्यों को "अपराध" और ईरान के खिलाफ "गंभीर बदनामी" बताया.

आर्थिक संकट से शुरू हुआ आंदोलन

ईरान में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को आर्थिक तंगी के खिलाफ हुई थी, जो धीरे-धीरे इस्लामिक गणराज्य में मौलवी शासन के अंत की मांग में बदल गई. इस दौरान ट्रंप ने कई बार हस्तक्षेप की धमकी दी, खासकर प्रदर्शनकारियों को फांसी दिए जाने की खबरों के बाद.

हालांकि, शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने तेहरान के नेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक फांसी की सजा को रद्द कर दिया है. ईरान की ओर से भी यह बयान आया कि “लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है.”

नेतृत्व भय से नहीं, सम्मान से चलता है

पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के पोस्ट्स पढ़ने के बाद ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर डर और हिंसा के बल पर शासन करने का आरोप लगाया. ट्रंप ने कहा, “एक देश के नेता के रूप में, वह देश को पूरी तरह से नष्ट करने और अभूतपूर्व स्तर पर हिंसा का इस्तेमाल करने के दोषी हैं.”

उन्होंने आगे कहा, "देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए, भले ही बहुत निचले स्तर पर, नेतृत्व को देश को ठीक से चलाने पर ध्यान देना चाहिए, जैसा कि मैं संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ करता हूं, न कि सत्ता पर बने रहने के लिए हजारों लोगों की हत्या करने पर."

ट्रंप ने यह भी कहा, "नेतृत्व सम्मान के बारे में होता है, न कि भय और मृत्यु के बारे में."
व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्होंने खामेनेई को शासन करने के अयोग्य बताया और कहा, "वह एक बीमार व्यक्ति है जिसे अपने देश को ठीक से चलाना चाहिए और लोगों की हत्या करना बंद करना चाहिए. खराब नेतृत्व के कारण उसका देश दुनिया में रहने के लिए सबसे खराब जगह है."

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