पाकिस्तान में एयरलाइन के चक्के जाम, इंजीनियर्स को नहीं मिला वेतन तो रोक दिया काम, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के इंजीनियरों की हड़ताल से सभी उड़ानें ठप हो गई हैं. इंजीनियर वेतन वृद्धि और स्पेयर पार्ट्स की कमी से नाराज हैं. सीईओ ने हड़ताल को गैरकानूनी बताया, जबकि सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हैं. हड़ताल लंबी चली तो PIA को भारी नुकसान हो सकता है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

इस्लामाबाद: पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) इन दिनों एक गंभीर संकट से जूझ रही है. एयरलाइन के एयरक्राफ्ट इंजीनियरों ने अचानक एयरवर्दीनेस क्लियरेंस देना बंद कर दिया है, जिसके चलते देशभर में फ्लाइट ऑपरेशन पूरी तरह ठप हो गए हैं. सोमवार रात 8 बजे के बाद से कोई भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान रवाना नहीं हो सकी, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

सूत्रों के अनुसार, अब तक कम से कम 12 निर्धारित उड़ानें प्रभावित हुई हैं. इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की फ्लाइट्स शामिल हैं. इस हड़ताल का असर इस्लामाबाद, कराची और लाहौर जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा देखने को मिला है, जहां सैकड़ों यात्री, जिनमें उमरा यात्रियों की बड़ी संख्या शामिल है, घंटों से फंसे हुए हैं.

इंजीनियरों की नाराजगी के पीछे क्या है वजह?

सोसाइटी ऑफ एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स ऑफ पाकिस्तान (SAEP) ने स्पष्ट किया है कि उनके सदस्य तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक एयरलाइन प्रबंधन, खासकर सीईओ, अपने रवैये में बदलाव नहीं करते. यूनियन का आरोप है कि PIA प्रबंधन पिछले दो महीनों से उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है और लगातार अनदेखी कर रहा है.

इंजीनियरों का कहना है कि उन्हें पिछले आठ वर्षों से कोई वेतन वृद्धि नहीं मिली है. इसके अलावा, एयरलाइन में स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी के बावजूद उन पर उड़ानों को क्लियर करने का दबाव डाला जा रहा है. यूनियन ने कहा कि हम यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते. बिना पर्याप्त संसाधनों के विमान उड़ान भरने देना खतरनाक है.

हड़ताल गैरकानूनी

PIA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने इस हड़ताल को पूरी तरह “गैरकानूनी” करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह कदम पाकिस्तान एसेंशियल सर्विसेज एक्ट 1952 का उल्लंघन है. सीईओ ने दावा किया कि यह हड़ताल जानबूझकर एयरलाइन के चल रहे प्राइवेटाइजेशन प्रोसेस को प्रभावित करने के लिए की गई है.

प्रबंधन का कहना है कि वह वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाश रहा है ताकि उड़ानें जल्द बहाल की जा सकें. उन्होंने यह भी बताया कि अन्य एयरलाइंस से इंजीनियरिंग सहायता लेने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है.

यात्रियों में बढ़ी चिंता

PIA की हड़ताल ने न सिर्फ एयरलाइन की प्रतिष्ठा को झटका दिया है, बल्कि यात्रियों के बीच भी असंतोष फैलाया है. उमरा यात्रियों के टिकट कैंसल होने और फंसे यात्रियों को ठहरने की जगह न मिलने जैसी शिकायतें बढ़ती जा रही हैं. एयरलाइन की वेबसाइट और कॉल सेंटर पर भी यात्रियों की पूछताछ बढ़ गई है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो PIA को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. पहले से आर्थिक संकट झेल रही एयरलाइन के लिए यह झटका उसकी स्थिति और भी कमजोर कर सकता है.

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