हाई प्रोफाइल लोगों का गुप्त और गंदा खेल... भारतीय CEO भी बना इस काले जाल का हिस्सा!

America में High Profile People की चकाचौंध भरी जिंदगी के पीछे छुपे गहरे राज का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. एक बड़े Secret racket का पर्दाफाश करते हुए Investigative agencies ने कई बड़े नामों को बेनकाब किया है. हैरानी की बात ये है कि इस मामले में एक भारतीय मूल के सीईओ का नाम भी सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है. यह खुलासा  Secret life of the rich और उनके काले कारनामों की परतें खोलता नजर आ रहा है.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

इंटरनेशनल न्यूज. America के Boston शहर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने वहां की हाई प्रोफाइल सोसाइटी को हिला कर रख दिया है. यहां एक गुप्त सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें कई बड़े बिजनेसमैन, सरकारी अधिकारी, डॉक्टर और वकील ग्राहक के रूप में सामने आए हैं. हैरानी की बात यह है कि यह रैकेट खास अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए ही तैयार किया गया था.

600 डॉलर प्रति घंटे की लग्जरी सर्विस

इस रैकेट में शामिल ग्राहक एशियाई महिलाओं से संबंध बनाने के लिए 300 से 600 डॉलर (लगभग 25,000 से 51,000 रुपये) प्रति घंटे तक की भारी रकम चुकाते थे. यह अवैध धंधा बोस्टन के कैम्ब्रिज, डेडहम, वाटरटाउन और वर्जीनिया के कई लग्जरी अपार्टमेंट्स से संचालित हो रहा था. इस रैकेट में गोपनीयता का खास ध्यान रखा जाता था ताकि ग्राहक बेझिझक इसका हिस्सा बन सकें.

प्रतिष्ठित लोगों की फेहरिस्त में CEO अनुराग बाजपेयी का नाम

इस स्कैंडल की सबसे बड़ी चर्चा भारतीय मूल के मशहूर उद्योगपति अनुराग बाजपेयी को लेकर है. अनुराग अमेरिका की वॉटर ट्रीटमेंट कंपनी 'ग्रेडिएंट' के सीईओ हैं. उन पर आरोप है कि वह भी इस रैकेट के ग्राहक थे और उन्होंने कई बार इन सेवाओं के लिए भुगतान किया. बता दें कि ग्रेडिएंट कंपनी की बाजार में वैल्यू एक अरब डॉलर से अधिक है.

MIT से पढ़ाई कर चुके हैं आरोपी अनुराग बाजपेयी

अनुराग बाजपेयी भारत के लखनऊ शहर के प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर कॉलेज से पढ़ाई कर चुके हैं. इसके बाद उन्होंने मिसौरी-कोलंबिया यूनिवर्सिटी और फिर विश्व प्रसिद्ध MIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. उनकी कंपनी ने उनके समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा है कि उन्हें न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और समय के साथ सच्चाई सामने आ जाएगी.

अभी जारी है जांच, कई नामों पर पर्दा

अमेरिका के पूर्व अटॉर्नी जोशुआ लेवी के अनुसार, इस रैकेट के ग्राहक समाज के बेहद प्रभावशाली लोग हैं. इनमें डॉक्टर, वकील, वैज्ञानिक, सरकारी ठेकेदार, सेना के अधिकारी और टेक कंपनियों के बड़े अधिकारी शामिल हैं. हालांकि, सुरक्षा कारणों से कई ग्राहकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि अब तक लगभग 30 ग्राहकों की पहचान हो चुकी है और जांच एजेंसियां बाकी लोगों के नाम पता लगाने में जुटी हैं.

बोस्टन स्कैंडल से मचा बवाल

यह मामला नवंबर 2023 में तब सामने आया, जब पुलि ने इस रैकेट पर छापा मारा. छानबीन के दौरान सामने आया कि कम से कम 12 पुरुषों ने कैम्ब्रिज इलाके में कोरियन महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाने के लिए भुगतान किया था. अब इस केस की जांच तेज हो गई और आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं.

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