अब अमेरिका में नहीं बनेगा 1 सेंट का सिक्का, 232 साल पुरानी पेनी का उत्पादन बंद
अमेरिकी टकसाल ने 13 नवंबर को 232 साल बाद पेनी का उत्पादन बंद कर दिया. लागत बढ़ने के कारण निर्णय लिया गया. अंतिम सिक्का फिलाडेल्फिया में ढाला गया, जिसमें अब्राहम लिंकन की छवि अंकित थी.

नई दिल्लीः अमेरिकी टकसाल ने बुधवार 13 नवंबर को आधिकारिक रूप से पेनी (एक सेंट का सिक्का) का उत्पादन बंद कर दिया. 232 वर्षों तक प्रचलन में रहने के बाद यह अमेरिका का सबसे छोटा मूल्यवर्ग का सिक्का अब इतिहास बन गया. अंतिम पेनी फिलाडेल्फिया टकसाल में ढाली गई, वही जगह जहां 1793 में पहली बार अमेरिकी सेंट के सिक्के बनाए गए थे.
ट्रंप के निर्देश पर उत्पादन बंद
पैसे की लागत सिक्के के वास्तविक मूल्य से अधिक होने के कारण इस निर्णय को आवश्यक माना गया. इस साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी वित्त मंत्री को सिक्के का उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका लंबे समय से ऐसे पैसे बना रहा है जिनकी लागत हमें वास्तव में उनके मूल्य से ज्यादा पड़ती है, जो बिल्कुल बेकार है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले 1857 में आधा सेंट का सिक्का बंद किया गया था.
232 साल की यात्रा
अमेरिका का पहला आधिकारिक सिक्का 1787 में ढाला गया फूगियो सेंट था, जिसे फ्रैंकलिन सेंट के नाम से भी जाना जाता है. यह तांबे का बना था, जिसकी धातु अमेरिकी क्रांति के दौरान फ्रांस से भेजे गए बारूद के बैरलों को बांधने के लिए इस्तेमाल हुई थी. अटलांटा के फेडरल रिजर्व बैंक के अनुसार, प्रत्येक सिक्के का वजन लगभग 10 ग्राम था.
अबराहम लिंकन की छवि
1909 में राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के जन्म की 100वीं वर्षगांठ पर उनकी छवि पहली बार अमेरिकी सिक्के पर अंकित की गई. यह पहला मौका था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की छवि सिक्के पर दिखाई गई. इस कदम ने अमेरिकी मुद्रा में एक नई ऐतिहासिक पहचान बनाई.
परिणाम और महत्व
पेनी का उत्पादन बंद होना अमेरिकी मुद्रा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव है. यह कदम बताता है कि आधुनिक अर्थव्यवस्था में सिक्कों की लागत और उनके मूल्य के बीच असंतुलन को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हालांकि, लिंकन की छवि और लंबे समय तक प्रचलित पेनी का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व हमेशा याद रखा जाएगा.


