भीषण शीतकालीन तूफान की चपेट में अमेरिका, 8000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, स्कूल-कॉलेज बंद
अमेरिका में भीषण शीतकालीन तूफान से भारी बर्फबारी, जमा देने वाली बारिश और रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ी है. करोड़ों लोग प्रभावित हैं, हजारों उड़ानें रद्द हुईं, स्कूल बंद रहे और प्रशासन ने आपात राहत व बचाव व्यवस्था तेज कर दी है.

नई दिल्लीः संयुक्त राज्य अमेरिका इन दिनों एक अभूतपूर्व शीतकालीन तूफान की चपेट में है, जिसने रॉकी पर्वत श्रृंखला से लेकर पूर्वी तट तक व्यापक तबाही मचा दी है. बर्फबारी, ओलों और जमा देने वाली बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में 20 करोड़ से अधिक लोग असामान्य रूप से कठोर सर्दी का सामना करेंगे.
देश के बड़े हिस्से में मौसम आपातकाल
विशाल मौसम प्रणाली के कारण अमेरिका के कई राज्यों में आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है. भारी हिमपात, बर्फ की मोटी परत और आर्कटिक से आने वाली ठंडी हवाओं ने हालात को “बेहद खतरनाक” बना दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस सर्दी का अब तक का सबसे शक्तिशाली और व्यापक तूफान है.
हवाई यातायात ठप, हजारों उड़ानें रद्द
तूफान का सबसे बड़ा असर यात्रा सेवाओं पर पड़ा है. हजारों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या विलंबित कर दी गई हैं. न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते एयरलाइंस ने यात्रियों को सतर्क रहने और उड़ानों की स्थिति की नियमित जांच करने की सलाह दी है. कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने भी वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने को कहा है.
दक्षिण से उत्तर तक फैला तूफान का असर
शुक्रवार को टेक्सास, ओक्लाहोमा और कंसास में तूफान के शुरुआती संकेत दिखाई दिए, जहां ठंडी आर्कटिक हवा के कारण बर्फ गिरने लगी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका प्रभाव दक्षिणी रॉकी पर्वत से लेकर न्यू इंग्लैंड तक फैलेगा. कई इलाकों में एक फुट से अधिक बर्फ जमने की आशंका है.
बर्फीली बारिश और बिजली संकट की चेतावनी
विशेषज्ञों को हिमपात क्षेत्र के दक्षिणी हिस्सों में जमने वाली बारिश को लेकर गंभीर चिंता है. लुइसियाना, मिसिसिपी और टेनेसी जैसे राज्यों में मोटी बर्फ की परत पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे बड़े पैमाने पर बिजली कटौती और सड़क अवरोध की आशंका जताई जा रही है.
रिकॉर्ड तोड़ ठंड
डकोटा और मिनेसोटा के कुछ हिस्सों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की ठंड में बिना सुरक्षा के बाहर निकलना जानलेवा हो सकता है. आने वाले दिनों में यह ठंड दक्षिण की ओर फैल सकती है और कई पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं.
स्कूल बंद, सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित
मध्यपश्चिमी राज्यों में अत्यधिक ठंड के कारण स्कूल बंद कर दिए गए हैं. शिकागो में कक्षाएं रद्द हुईं, जबकि लुइसियाना और नैशविले में कई सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम या तो टाल दिए गए या बिना दर्शकों के आयोजित किए गए.
प्रशासन अलर्ट, राहत व्यवस्था तेज
राज्य और संघीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. कई शहरों में नेशनल गार्ड को तैनात किया गया है. FEMA ने खोज और बचाव दल, भोजन सामग्री, कंबल और जनरेटर पहले से तैयार कर रखे हैं. राष्ट्रपति प्रशासन ने कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी.
आम लोग सतर्क, आश्रय केंद्र सक्रिय
तूफान के बीच लोग जरूरी सामान जमा कर घरों में सुरक्षित रहने की कोशिश कर रहे हैं. बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए गर्म केंद्र और आश्रय स्थल खोले गए हैं. मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तूफान के कमजोर पड़ने के बाद भी कई दिनों तक बर्फ और कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है.


