दुनिया बदल चुकी है, वाशिंगटन बदल चुका है, अमेरिका में अब सबकुछ सामान्य नहीं...भारत यात्रा से पहले कनाडाई पीएम ने ट्रंप को दी नसीहत
कनाडा और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नए व्यापारिक साझेदारों की तलाश और भारत दौरे की संभावना जताई. वैश्विक अस्थिरता और अमेरिकी नीतियों के चलते दोनों देश व्यापार में विविधता और नए गठजोड़ की ओर बढ़ रहे हैं.

नई दिल्लीः कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रिश्तों में लगातार तनाव गहराता जा रहा है. इसी बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका देश अब केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि नए व्यापारिक साझेदारों और वैकल्पिक मार्गों की तलाश करेगा. हाल के दिनों में अमेरिकी नीतियों और वाशिंगटन के बदलते रवैये ने ओटावा को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है.
अमेरिका में अब कुछ भी सामान्य नहीं
कनाडा की संसद हाउस ऑफ कॉमन्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राजनीतिक हालात पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अमेरिका में कुछ भी सामान्य नहीं रह गया है, खासकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने के संदर्भ में. फ्रेंच भाषा में दिए गए अपने संबोधन में कार्नी ने कहा, “दुनिया बदल चुकी है, वाशिंगटन बदल चुका है और अब अमेरिका में लगभग कुछ भी सामान्य नहीं है. यही सच्चाई है.”
दावोस से दिया वैश्विक संकेत
हाउस ऑफ कॉमन्स में दिया गया यह बयान दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में कार्नी के चर्चित भाषण के बाद आया है. दावोस में उन्होंने अमेरिका के नेतृत्व वाली नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई थी. उनका कहना था कि यह व्यवस्था अब बड़े झटके का सामना कर रही है और पुराने ढांचे की वापसी संभव नहीं है.
यह बदलाव नहीं, बल्कि युगांत है
दावोस में अपने भाषण के दौरान कार्नी ने कहा कि हम किसी साधारण बदलाव के दौर से नहीं गुजर रहे, बल्कि एक ऐसे युगांत का सामना कर रहे हैं, जहां पुरानी व्यवस्थाएं खत्म हो रही हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पहले जैसी वैश्विक व्यवस्था अब लौटकर नहीं आएगी. उनके इस बयान को कई पश्चिमी सहयोगी देशों का समर्थन मिला, जिससे अमेरिका में हलचल मच गई.
ट्रम्प से बातचीत में भी नहीं बदला रुख
इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत में भी मार्क कार्नी अपने बयान पर अडिग नजर आए. उन्होंने स्पष्ट किया कि दावोस में कही गई हर बात पर वे आज भी कायम हैं. ओटावा में पत्रकारों से बातचीत में कार्नी ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से साफ कह दिया है कि वे अपने शब्दों से पीछे नहीं हटेंगे. इससे व्हाइट हाउस के उस दावे को भी झटका लगा, जिसमें कहा गया था कि कार्नी अपनी टिप्पणियों से पीछे हट रहे हैं.
भारत की ओर बढ़ता कनाडा
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच कनाडा अब भारत की ओर रुख करता दिख रहा है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत दौरे की संभावना है. माना जा रहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच पिछले दो वर्षों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने और द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देने के उद्देश्य से की जा रही है.
पुराने तनाव, नए प्रयास
पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत-कनाडा संबंधों में ठहराव आ गया था. सत्ता संभालने के बाद से कार्नी लगातार इन रिश्तों को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत का यह दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब नई दिल्ली ने यूरोपीय संघ के साथ अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता किया है.
वैश्विक व्यापार में नई रणनीति
अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ और अनिश्चित नीतियों के चलते भारत और कनाडा दोनों ही अपने व्यापारिक विकल्पों में विविधता ला रहे हैं. भारत, जो अमेरिका के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीद को लेकर दबाव झेल रहा है, अब अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है.
बदलती दुनिया में नए गठजोड़
कुल मिलाकर, अमेरिका-कनाडा रिश्तों में आई खटास और वैश्विक व्यापार में अस्थिरता ने कई देशों को नई साझेदारियों की ओर देखने के लिए मजबूर कर दिया है. भारत और कनाडा के बीच संभावित नजदीकी इसी बदलती वैश्विक राजनीति का संकेत मानी जा रही है.


