तीन दिनों में तीसरा टैंकर जब्त...अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में ‘Olina’ तेल टैंकर को किया जब्त

अमेरिकी बलों ने कैरिबियन सागर में Olina नामक तेल टैंकर को जब्त किया है. यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल परिवहन रोकने के अभियान का हिस्सा है. अमेरिकी मरीन और नौसेना ने पूर्व-सुबह ऑपरेशन किया. यह पांचवां टैंकर है जिसे जब्त किया गया. कोस्ट गार्ड की भागीदारी स्पष्ट नहीं है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : कैरिबियन सागर में अमेरिकी सेना ने Olina नामक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है. यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के उस अभियान का हिस्सा है, जिसमें वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल ढुलाई करने वाले जहाजों को रोका जा रहा है. अमेरिकी दक्षिणी कमान के अनुसार, यह पूर्व-सुबह की ऑपरेशन अमेरिकी मरीन और नौसेना कर्मियों द्वारा अंजाम दी गई. कमान ने इस मौके पर कहा कि अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है. यह Olina तेल टैंकर वह पांचवां जहाज है जिसे अमेरिकी बलों ने जब्त किया है. इस कार्रवाई का मकसद वेनेजुएला से तेल के वैश्विक वितरण को नियंत्रित करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को प्रभावी बनाना है.

कोस्ट गार्ड की भूमिका पर सवाल 

आपको बता दें कि नौसेना अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस बार अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने जहाज जब्त करने में भाग लिया या नहीं, जबकि पिछले मामलों में कोस्ट गार्ड इस कार्रवाई में शामिल रही है. इस पर अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है. इससे यह सवाल उठता है कि ऑपरेशन के दौरान कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल रही और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कैसे हुआ.

रूसी जहाज Marinera की जब्ती 
Olina टैंकर जब्ती से दो दिन पहले, अमेरिकी बलों ने उत्तरी अटलांटिक में रूसी-फ्लैग वाले तेल टैंकर Marinera को भी जब्त किया था. इस जहाज में 28 सदस्यीय दल था, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे. इस कार्रवाई के दौरान रूस ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की और कहा कि किसी भी राज्य को अन्य देशों के जहाजों पर बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है. रूस ने सभी विदेशी नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रिहा करने की मांग की. इस घटना ने अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा दिया.

वैश्विक तेल व्यापार और अमेरिका की रणनीति
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला से तेल के अवैध परिवहन को रोकने और वैश्विक तेल वितरण पर नियंत्रण बनाने के लिए पूरी तरह सजग है. अमेरिकी कार्रवाई का मकसद न केवल प्रतिबंधित तेल की आवाजाही को रोकना है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, समुद्री कानून और ऊर्जा सुरक्षा पर भी असर डालती है. इसके चलते वैश्विक तेल बाजार और देशों के बीच राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है.

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