चीन से समझौते पर ट्रंप का अल्टीमेटम, कनाडा पर 100% टैरिफ की चेतावनी

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंध एक बार फिर खराब होते दिख रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर कनाडा को कड़ी चेतावनी दी है, जिससे उत्तरी अमेरिका के आर्थिक और रणनीतिक संतुलन पर सवाल खड़े हो गए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर तल्खी बढ़ती नजर आ रही है. चीन के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को सख्त चेतावनी दी है, जिससे उत्तरी अमेरिका के आर्थिक और रणनीतिक संतुलन पर सवाल खड़े हो गए हैं.

ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर कनाडा चीन के साथ व्यापारिक समझौते को आगे बढ़ाता है, तो अमेरिका कनाडा से आयात होने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है.

चीन समझौते पर ट्रंप का कड़ा रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी कि यदि ओटावा चीन के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाता है, तो वह कनाडा से आयात होने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत का व्यापक शुल्क लगा देंगे. ट्रंप के इस रुख को उत्तरी अमेरिका के आर्थिक गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

ट्रुथ सोशल पर कार्नी को सीधी चेतावनी

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने सीधे तौर पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि वह कनाडा को अमेरिका में चीनी सामानों के लिए एक माध्यम नहीं बनने देंगे.

ट्रंप ने लिखा,"अगर गवर्नर कार्नी को लगता है कि वह कनाडा को चीन के लिए 'सामान और उत्पाद अमेरिका भेजने का बंदरगाह' बना देंगे, तो वह घोर गलतफहमी में हैं."

चीन को बताया कनाडा के लिए खतरा

ट्रंप ने चीन पर कनाडा की अर्थव्यवस्था और समाज के लिए मूलभूत खतरा पैदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि बीजिंग कनाडा को "जिंदा खा जाएगा" और "पूरी तरह से निगल जाएगा", जिसमें उसके व्यवसाय और सामाजिक ताना-बाना भी शामिल होगा.

100% टैरिफ की सीधी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चीन के साथ किसी भी समझौते पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाएगी. उन्होंने घोषणा की,
"अगर कनाडा चीन के साथ कोई समझौता करता है, तो उस पर तुरंत 100% टैरिफ लगाया जाएगा."

कार्नी की चीन यात्रा के बाद बढ़ा विवाद

यह विवाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की हालिया चीन यात्रा के बाद सामने आया है. इस यात्रा के दौरान व्यापार समझौतों का विस्तार हुआ, जिसमें कनाडाई कृषि उत्पादों पर कम शुल्क और चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नए कोटा शामिल हैं.

7 अरब डॉलर के निर्यात बाजार का दावा

पिछले हफ्ते X पर एक पोस्ट में कार्नी ने नए समझौते की जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था,"हमने चीन के साथ एक नया व्यापार समझौता हासिल कर लिया है - जिससे कनाडाई श्रमिकों और व्यवसायों के लिए 7 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात बाजारों के द्वार खुल गए हैं."

गोल्डन डोम परियोजना पर भी टकराव

तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने ओटावा पर अमेरिका के नेतृत्व वाली 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा परियोजना का विरोध करके उत्तरी अमेरिकी सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया.

ट्रंप ने लिखा,"कनाडा ग्रीनलैंड पर गोल्डन डोम के निर्माण के खिलाफ है, जबकि गोल्डन डोम कनाडा की रक्षा करेगा."
उन्होंने आगे कहा,"इसके बजाय, उन्होंने चीन के साथ व्यापार करने के पक्ष में मतदान किया, जो पहले ही साल में उन्हें 'हड़प' लेगा!"

अमेरिका पर निर्भरता को लेकर तीखे बयान

ट्रंप ने यह भी कहा कि कनाडा को वाशिंगटन से बहुत अधिक लाभ मिलता है. उन्होंने कहा,
"कनाडा को हमसे बहुत सी मुफ्त सुविधाएं मिलती हैं. उन्हें आभारी होना चाहिए,"
और फिर जोड़ा,"कनाडा का अस्तित्व संयुक्त राज्य अमेरिका की वजह से है. मार्क, अगली बार जब आप बयान दें तो यह बात याद रखना."

कार्नी का पलटवार, संप्रभुता पर जोर

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनाडा की निर्भरता की धारणा को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा,
"कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका की वजह से जीवित नहीं है. कनाडा इसलिए समृद्ध है क्योंकि हम कनाडाई हैं."
उन्होंने संकेत दिया कि ओटावा वैश्विक मामलों में अधिक स्वतंत्र रास्ता अपना सकता है.

बोर्ड ऑफ पीस प्रस्ताव वापस

तनाव उस समय और गहरा गया जब ट्रंप ने कनाडा को दिए गए बोर्ड ऑफ पीस पहल में शामिल होने का निमंत्रण वापस ले लिया. एक सार्वजनिक संदेश में उन्होंने कहा कि यह बोर्ड अब तक गठित नेताओं का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड होगा और संयुक्त राष्ट्र के समन्वय में व्यापक अधिकारों के साथ काम करेगा.

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