तुर्की ने गाजा युद्ध की वजह से इजराइल के साथ तोड़े सभी व्यापारिक संबंध, बंद किए हवाई क्षेत्र और बंदरगाह

तुर्की ने गाजा युद्ध के विरोध में इजराइल के साथ सभी व्यापारिक और हवाई संबंध तोड़ दिए हैं. तुर्की ने इज़राइली जहाजों और विमानों पर रोक लगाई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इस कदम से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है और गाजा में मानवीय संकट गहराया है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

तुर्की की सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने इज़राइल के साथ अपने सभी वाणिज्यिक और आर्थिक संबंध पूरी तरह समाप्त कर दिए हैं. अब तुर्की के जहाज इजराइली बंदरगाहों पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे और इज़राइली विमानों को तुर्की का हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया गया है.

हवाई क्षेत्र और समुद्री मार्गों पर पाबंदियां

विदेश मंत्री हकान फिदान ने स्पष्ट किया कि तुर्की के जहाजों को इज़राइल के बंदरगाहों में जाने की अनुमति नहीं होगी, और इजराइली विमान तुर्की के हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. पोर्ट प्राधिकरण ने अनौपचारिक रूप से यह निर्देश जारी किया है कि जहाजों को यह लिखित गारंटी देनी होगी कि उनका इजराइल या सैन्य सामान से कोई संबंध नहीं है.

गाजा पर सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की मांग

फिदान ने कहा कि यदि इजराइल के सैन्य अभियान को रोका नहीं गया, तो यह पूरे मध्य पूर्व को संघर्ष में धकेल सकता है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि वे इज़राइल का समर्थन बंद करें और उसके खिलाफ कार्रवाई उठाएं.

तुर्की की विवादास्पद आलोचना

तुर्की लंबे समय से गाज़ा पर इज़राइली हमलों का मुखर आलोचक रहा है. राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगन ने इज़राइल की कार्रवाई को नरसंहार बताया है और नेतन्याहू की तुलना हिटलर से की है.

2019 से जारी असंतोषजनक संबंधों का इतिहास

तुर्की और इजराइल के द्विपक्षीय व्यापार में 2023 में लगभग 7 अरब अमेरिकी डॉलर का आदान-प्रदान हुआ था. मई 2024 में तुर्की ने गाज़ा में जारी हिंसा और मानवीय त्रासदी के चलते इज़राइल के साथ लंबित व्यापार को रोक दिया था. तुर्की के प्रतिबंध व्यापक बहस का कारण बने हैं. जहाज़ों को लिखित आश्वासन देने की प्रक्रिया से लेकर, हवाई क्षेत्र बंद करना और व्यापार पूरी तरह समाप्त करना, यह एक सशक्त कूटनीतिक कदम माना जा रहा है.

गाजा में जन-हुल्ले की भयावह स्थिति

इजराइली हमलों के कारण गाज़ा में सीमा से अधिक वर्षों में सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी उभर रही है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने रिपोर्ट किया है कि मृतकों की संख्या 63,000 से अधिक हो चुकी है, और हाल ही के दिनों में हवाई हमलों और सहायता रोकने से अकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

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