US-China Trade War : चीन ने ट्रंप को दिया एक और बड़ा झटका, पहली बार US से सोयाबीन की खरीद की बंद
US China Trade War : अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव ने एक नया मोड़ लिया है. पहली बार चीन ने अमेरिका से सितंबर में एक भी सोयाबीन नहीं खरीदी. भारी टैरिफ और विकल्पों की उपलब्धता के चलते चीन अब ब्राजील और अर्जेंटीना से आयात कर रहा है. इससे अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है. वहीं, चीन में आने वाले महीनों में आपूर्ति संकट की आशंका जताई जा रही है.

US China Trade War : अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार तनाव ने अब वैश्विक कृषि व्यापार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां दुनिया के व्यापारिक समीकरणों पर दबाव बनाने की कोशिश की, वहीं चीन ने अब एक बड़ा झटका दिया है. 7 वर्षों में पहली बार चीन ने अमेरिका से एक भी सोयाबीन नहीं खरीदी है, जिससे यह साफ हो गया है कि ट्रेड वॉर अब गंभीर आर्थिक प्रभाव पैदा करने लगा है.
सितंबर में 'शून्य' सोयाबीन आयात
वैकल्पिक आपूर्ति ने बदला समीकरण
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाए जाने के कारण यह गिरावट आई है. इसके साथ ही, पहले से स्टॉक की गई पुरानी फसलें जिन्हें 'ओल्ड क्रॉप बीन्स' कहा जाता है पहले ही व्यापार में खपत हो चुकी हैं. ऐसे में जब नई खेप का समय आया, चीन ने अमेरिका की बजाय अन्य देशों का रुख किया.
ब्राजील और अर्जेंटीना बने नए भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता
चीन की कस्टम ड्यूटी रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील से सोयाबीन आयात 29.9% बढ़कर 10.96 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो चीन के कुल तिलहन आयात का 85.2% है. वहीं अर्जेंटीना से यह आयात 91.5% बढ़कर 1.17 मिलियन टन हो गया, जो कुल आयात का लगभग 9% हिस्सा है. यह डेटा साफ दर्शाता है कि अमेरिका की जगह अब दक्षिण अमेरिकी देशों ने ले ली है.
अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान की आशंका
चीन से आयात बंद होने के कारण अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है. सितंबर में चीन का कुल सोयाबीन आयात 12.87 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है — जो अब तक का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है. लेकिन इस रिकॉर्ड में अमेरिका की भागीदारी शून्य रही. यह संकेत है कि ट्रंप की व्यापार नीति का बोझ अब अमेरिकी किसानों पर पड़ रहा है.
चीन के घरेलू बाजार के लिए भी घातक
बीजिंग स्थित AgRadar Consulting के संस्थापक जॉनी जियांग ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच कोई व्यापार समझौता नहीं हुआ, तो फरवरी से अप्रैल के बीच चीन में सोयाबीन की आपूर्ति में संकट उत्पन्न हो सकता है. यानी ये कटौती केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि चीन के घरेलू बाजार के लिए भी घातक हो सकती है.
फिर शुरू हुईं बातचीत की कोशिशें
टैरिफ और निर्यात प्रतिबंधों के कई हफ्तों के तनाव के बाद अब दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया फिर से शुरू होती दिख रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि उन्हें सोयाबीन पर समझौते की उम्मीद है. यह बयान एक संकेत हो सकता है कि दोनों देश किसी मध्यम रास्ते पर आने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आर्थिक नुकसान को टाला जा सके.
व्यापार युद्ध का असली असर अब दिखने लगा है
अमेरिका और चीन के बीच चल रहा यह व्यापार युद्ध अब सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक नुकसान में बदलता जा रहा है. अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जबकि चीन को विकल्प खोजने में जल्दबाज़ी करनी पड़ रही है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों देश समझौते की राह पकड़ते हैं या यह टकराव और गहराता है.


