अमेरिका ने 75 देशों के वीजा रोके, रूस ईरान समेत कई राष्ट्र अचानक किए गए ब्लॉक

अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए 75 देशों के लिए सभी तरह के वीजा की प्रोसेसिंग रोक दी है। सरकार को डर है कि कई आवेदक आगे चलकर सरकारी बोझ बन सकते हैं।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने एक साथ 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग रोक दी है। इसका मतलब है कि अब इन देशों के नागरिकों के नए वीजा आवेदन आगे नहीं बढ़ाए जाएंगे। यह फैसला चुपचाप लागू किया गया। इसके बाद दुनियाभर में हलचल मच गई। हजारों लोग जिनकी फाइलें चल रही थीं, वे अटक गईं। यह कदम अमेरिका की सख्त इमिग्रेशन नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सरकार को किस बात का डर सता रहा है?

अमेरिकी सरकार का कहना है कि कुछ वीजा आवेदक आगे चलकर ‘पब्लिक चार्ज’ बन सकते हैं। इसका मतलब होता है कि वे सरकार की मदद पर निर्भर हो सकते हैं। ऐसे लोगों से टैक्स देने वालों पर बोझ बढ़ता है। अमेरिका इस खतरे को पहले ही रोकना चाहता है। इसी वजह से जांच प्रक्रिया को फिर से परखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि सिर्फ आत्मनिर्भर लोग ही देश में आएं।

फॉक्स न्यूज ने इस फैसले पर क्या बताया?

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार काउंसलर अधिकारियों को नए निर्देश दिए गए हैं। उन्हें मौजूदा कानून के तहत ऐसे वीजा रोकने को कहा गया है। जब तक नई जांच प्रक्रिया तय नहीं होती, तब तक कोई मंजूरी नहीं दी जाएगी। इसका मतलब है कि इंटरव्यू और फाइलें आगे नहीं बढ़ेंगी। यह कदम अस्थायी बताया गया है, लेकिन समय सीमा नहीं बताई गई है।

कौन कौन से देश इस सूची में आए हैं?

इस रोक की सूची में कई बड़े और संवेदनशील देश शामिल हैं। इसमें रूस, ईरान और अफगानिस्तान जैसे नाम हैं। इसके अलावा सोमालिया, इराक, मिस्र और यमन भी शामिल हैं। नाइजीरिया, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी इसमें आ गए हैं। कुल मिलाकर 75 देश इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। यह सूची दुनिया के कई हिस्सों को कवर करती है।

क्या छात्रों और कामगारों पर भी असर पड़ेगा?

यह रोक सभी तरह के वीजा पर लागू बताई जा रही है। इसमें टूरिस्ट, स्टूडेंट और वर्क वीजा भी शामिल हैं। यानी पढ़ाई या नौकरी के लिए जाने वाले लोग भी फंस सकते हैं। जिन लोगों ने पहले से फीस भर दी है, वे भी परेशान हैं। कई छात्रों की यूनिवर्सिटी डेडलाइन नजदीक है। यह फैसला उनकी योजनाओं को बिगाड़ सकता है।

क्या यह ट्रंप प्रशासन की सख्त नीति का हिस्सा है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से सख्त इमिग्रेशन नीति के पक्ष में रहे हैं। वे चाहते हैं कि अमेरिका में वही लोग आएं जो देश के लिए फायदेमंद हों। यह वीजा रोक उसी सोच को दिखाती है। सरकार पहले से ही पब्लिक चार्ज नियम को सख्ती से लागू कर रही है। अब इसे और मजबूत किया जा रहा है। इससे अमेरिका में आने का रास्ता और कठिन हो गया है।

दुनिया पर इस फैसले का क्या असर पड़ेगा?

इस कदम से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और पढ़ाई पर बड़ा असर पड़ेगा। कई देशों के लोग अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे थे। अब उनकी फाइलें रुक गई हैं। कारोबार और शिक्षा दोनों पर इसका असर दिख सकता है। कई परिवार भी एक दूसरे से अलग रह सकते हैं। जब तक रोक हटती नहीं, अनिश्चितता बनी रहेगी। अमेरिका का यह फैसला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।

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