ग्रीनलैंड को सिर्फ अमेरिका बचा सकता है...दावोस में WEF में डोनाल्ड ट्रंप बोले- हमें किसी भी हालत में ग्रीनलैंड चाहिए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHF में साफ कर दिया कि पूरी दुनिया में केवल अमेरिका ही है जो ग्रीनलैंड को सुरक्षित रख सकता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को छोड़कर कोई भी देश या देशों का समूह ग्रीनलैंड को सुरक्षित नहीं रख सकता है. उन्होंने ग्रीनलैंड को बर्फ का टुकड़ा बताते हुए कहा कि दुनिया की सुरक्षा के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड चाहिए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका किसी भी हालत में ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में रखना चाहता है. उन्होंने ग्रीनलैंड को “बर्फ का सुंदर टुकड़ा” बताते हुए कहा कि दुनिया की सुरक्षा के लिए यह क्षेत्र अमेरिका के लिए बेहद अहम है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अमेरिका ही संभाल सकता है और कोई अन्य देश या देशों का समूह इसे संभालने की स्थिति में नहीं है.

डेनमार्क पर ट्रंप की तीखी टिप्पणी

आपको बता दें कि ट्रंप ने अपने पूर्व नेतृत्व की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने पिछली बार ग्रीनलैंड की रक्षा करने के बाद उसे डेनमार्क को दे दिया था, जो एक गलती थी. उन्होंने डेनमार्क को “एहसान फरामोश” बताते हुए आरोप लगाया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क केवल छह घंटे की लड़ाई के बाद जर्मनी के सामने हार गया और न तो खुद की रक्षा कर सका और न ही ग्रीनलैंड की. इसलिए अमेरिका को मजबूर होकर ग्रीनलैंड की रक्षा करनी पड़ी. ट्रंप ने कहा कि यह एक बड़ी बेवकूफी थी कि अमेरिका ने इसे वापस दे दिया.

ग्रीनलैंड पर नियंत्रण से NATO मजबूत होगा
ट्रंप ने यह भी तर्क दिया कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण NATO गठबंधन को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका इस क्षेत्र को अपने साथ जोड़ ले, तो उसे विकसित कर सकता है, सुरक्षा बेहतर कर सकता है और यह यूरोप के लिए भी फायदेमंद होगा. उन्होंने कहा कि यह अमेरिका और यूरोप दोनों के हित में है.

“ताकत का इस्तेमाल” पर ट्रंप की कटुता
ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि वह ग्रीनलैंड को लेने के लिए किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि उन्हें ताकत का इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं है और वे ऐसा नहीं करेंगे. फिर भी उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह “बहुत ज़्यादा ताकत” इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल उनका इरादा शांति और बातचीत का है.

“लीज” नहीं, मालिकाना हक चाहिए
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि वे ग्रीनलैंड को सिर्फ लीज पर लेने के बजाय पूर्ण मालिकाना हक चाहते हैं. उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की रक्षा के लिए मालिकाना हक जरूरी होता है, और केवल लीज़ पर लेकर उसे सुरक्षित नहीं रखा जा सकता. इसी वजह से उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों के साथ तुरंत बातचीत की मांग की और कहा कि अमेरिका इतिहास में कई क्षेत्रों को इसी तरह हासिल कर चुका है.

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