ट्रंप की चाल में फंसे जेलेंस्की! अमेरिका को खजाने देने के लिए हुए राजी? बड़ी डील के संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन के खजानों पर कब से अपनी नजर गड़ाए हुए हैं. इस बीच खबर आ रही है कि अमेरिका और युक्रेन ने पुनर्निर्माण और संसाधनों को लेकर डील हो गई है. हालांकि, इस डील में यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर अब भी संशय बना हुआ है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ा भू-राजनीतिक खेल सामने आया है. खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच एक अहम समझौता हुआ है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों और पुनर्निर्माण को लेकर सहमति बनी है. हालांकि, इस डील में यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन पर लगातार दबाव बना रहे थे, और अब वे अपने मकसद में कामयाब होते नजर आ रहे हैं.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक यूक्रेनी अधिकारी ने पुष्टि की है कि दोनों देशों ने प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल और युद्धग्रस्त यूक्रेन के पुनर्निर्माण पर एक समझौते पर सहमति जताई है. यह समझौता तब फाइनल हुआ जब ड्राफ्ट से कुछ विवादित शर्तों को हटा दिया गया. हालांकि, अमेरिका ने अब तक आधिकारिक रूप से इस समझौते की पुष्टि नहीं की है.
यूक्रेन के संसाधनों पर ट्रंप की नजर, बदले में पुनर्निर्माण फंड
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन अपने दुर्लभ खनिज संसाधनों को अमेरिका को देने को तैयार है, लेकिन इसके बदले में सुरक्षा गारंटी की कोई ठोस शर्त तय नहीं की गई है. पहले भी ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिका, यूक्रेन से दुर्लभ खनिजों की सप्लाई चाहता है और इसके बदले वह यूक्रेन के पुनर्निर्माण कार्यों में शामिल होगा. सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने ड्राफ्ट में सुरक्षा गारंटी की बात जोड़ने का विरोध किया था, जिससे यह साफ होता है कि वाशिंगटन केवल आर्थिक फायदे की रणनीति पर काम कर रहा है.
"जेलेंस्की शुक्रवार को आ सकते हैं अमेरिका
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मुझे सुनने में आया है कि जेलेंस्की शुक्रवार को आ रहे हैं. अगर वे चाहें तो मेरे लिए यह ठीक है कि वे आकर इस समझौते पर हस्ताक्षर करें. यह एक बड़ा समझौता है, बहुत बड़ा समझौता है." इससे पहले भी खबरें आई थीं कि ट्रंप ने यूक्रेन से 500 बिलियन डॉलर मूल्य के खनिजों में हिस्सेदारी मांगी थी, लेकिन जेलेंस्की ने इसे ठुकरा दिया था क्योंकि इसमें अमेरिका की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई थी.
यूक्रेन पर दबाव बना रहा अमेरिका?
रूस-यूक्रेन युद्ध को 24 फरवरी को तीन साल पूरे हो गए, लेकिन शांति स्थापना को लेकर अभी भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला है. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाया गया, जिसमें अमेरिका ने रूस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया. यह अमेरिका के रुख में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है.
भारत ने इस प्रस्ताव पर वोटिंग से इनकार कर दिया, जबकि अमेरिका का रवैया यूक्रेन के लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकता है. युद्ध के इस नए मोड़ पर अब सबकी नजरें जेलेंस्की की वाशिंगटन यात्रा और अमेरिका-यूक्रेन समझौते पर टिकी हुई हैं.


